इंटरमिटेंट फास्टिंग आखिर क्या हैं?

डाइट नहीं, बल्कि खाने का टाइम मैनेजमेंट हैं

शरीर को देता है खुद को रिपेयर करने का समय

जब आप फास्टिंग में रहते हो तो शरीर जमा फैट को एनर्जी में बदल देता है

फास्टिंग से घटेगा वजन

फैट बर्न करने में करता है मदद और मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाता है.

ब्लड शुगर लेवल को रखे कंट्रोल

इंटरमीटेंट फास्टिंग इंसुलिन सेंसटिविटी बढ़ता है, जिससे डायबिटीज का खतरा कम होता है

दिल की सेहत बनाए रखे फिट यह केलोस्ट्रोल घटाकर हार्ट अटैक के रिस्क को कम करता है

फास्टिंग से ब्रेन सेल्स बेहतर काम करते है और याददाश्त मजबूत होती है

यह हार्मोन बैलेंस करती  है जिससे स्लीप पैटर्न बेहतर होता है