मतगणना से पहले राजद MLC का चुनाव आयोग को चुनौती…कहा गड़बड़ी हुई तो नेपाल वाला हाल होगा…

RJD MLA Sunil Singh’s controversial statement : बिहार विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों के मतदान सफलता के साथ पूरे हुए, अब सबकी निगाहें शुक्रवार आने वाले नतीजों पर टिकी हुई है. इस बार राज्य में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग हुई है जिससे सियासी पारा अपने चरम पर है. कुल 243 सीटों के लिए हुए चुनाव में 66.91% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे दूसरे चरण में मतदान का प्रतिशत 68.76% पहले चरण 65.08% से अधिक रहा.

एनडीए बनाम महागठबंधन

मतदान के तुरंत बाद आई एग्जिट पोल के अनुमानों के अनुसार बिहार की राजनीति में जोश ला दिया है. ज्यादातर एग्जिट पोल ने एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनने का संकेत दिया है. दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस समेत महागठबंधन के नेताओं ने इन एग्जिट पोल को सिरे से खारिज कर दिया है. महागठबंधन के नेताओं का दृढ़ दावा है कि बिहार की जनता ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर भरोसा जताया है.

राजद एमएलसी का विवादित बयान

मतगणना से ठीक 1 दिन पहले एग्जिट पोल के नतीजे को लेकर राजद खेमे की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है, जिसका परिणाम एक बड़े विवाद के रूप में सामने आ रहा है. राजद के विधान पार्षद (MLC) सुनील सिंह ने मतगणना में धोखाधड़ी की आशंका जताते हुए एक विवादित बयान दिया, जिसके बाद पटना पुलिस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है.

गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि 2020 में भी मतगणना को चार-चार घंटे तक रोका गया था, उनका कहना है कि अगर इस बार चुनाव में धोखाधड़ी हुई तो पूरी जनता सड़क पर आ जाएगी. उन्होंने यह भी कहा जिस तरह नेपाल बांग्लादेश और श्रीलंका में सत्ता के विरोध में लहर उठी वैसी स्थिति बन जाएगी हालात पर काबू करना मुश्किल होगा. सुनील सिंह ने एग्जिट पोल पर भी सवाल उठाते हुए इसे साजिश बताया और पूछा की 4 करोड़ 98 लाख वोट पड़ने के बावजूद राजद  को 50 से कम सीटें कैसे मिल सकते हैं?

बीजेपी और जेडीयू का जवाब

सुनील सिंह के इस बयान पर एनडीए के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, उन्होंने इस महागठबंधन की हार की हताशा बताते हुए कहा,  बिहार में कानून का राज है, गुंडाराज वाली सरकार नहीं है. राजद के नेता हार की हताशा में हैं और जनता के साथ-साथ मतदाता का भी अपमान कर रहे हैं. जेडीयू नेता ने इस स्थिति को मुहावरे के माध्यम से व्यक्त किया, यह खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे  वाली स्थिति है. बिहार की जनता अपने चेहरे पर अपराध का धब्बा नहीं लेने जा रही.  यह गुंडाराज नहीं चलेगा, यहां सुशासन की सरकार है

अब यह पता चलेगा शुक्रवार को मतगणना के दिन, जब बिहार की जनता ने एग्जिट पोल के अनुमानों पर मोहर लगाई है या महागठबंधन के दावा को सच कर दिया है.

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