समीक्षा बैठक में शामिल हुए नीतीश कुमार…निवेश और लंबित परियोजनाओं पर तेज़ी लाने के दिए निर्देश

Industry In Bihar : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को उद्योग विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक की, जिसमें राज्य में चल रही औद्योगिक गतिविधियों, निवेश की संभावनाओं और लंबित परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई. यह बैठक 1 अणे मार्ग स्थित CM आवास परिसर में सुबह 11 बजे शुरू हुई और करीब तीन घंटे तक चली. बैठक में उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल, विभाग के प्रधान सचिव, अन्य वरिष्ठ अधिकारी और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे.

राज्य में उद्योगों की स्थिति का व्यापक आकलन

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछले कुछ वर्षों में लगे उद्योगों की वास्तविक स्थिति का विस्तृत ब्योरा मांगा. उन्होंने यह जानने पर जोर दिया कि किस सेक्टर में निवेश बढ़ा है, कौन-सी परियोजनाएं जमीन पर उतरी हैं और किन योजनाओं में देरी हो रही है. अधिकारियों ने बताया कि कई औद्योगिक प्रोजेक्ट्स समय पर चल रहे हैं, लेकिन कुछ योजनाएं तकनीकी कारणों या प्रक्रियागत देरी की वजह से अटकी हुई हैं. सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने उद्योग विभाग को निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को और आसान बनाने, अनुमोदन में लगने वाले समय को कम करने और विभागीय समन्वय को मजबूत करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि उद्योग लगाने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो, इसके लिए हर स्तर पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

बैठक के मुख्य एजेंडे

समीक्षा बैठक में कई बिंदुओं पर गंभीर चर्चा हुई, जिनमें राज्य में चल रहे औद्योगिक परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट , निवेश आकर्षित करने के लिए नई नीतिगत पहल और संभावनाएं, MSME सेक्टर को मजबूत बनाने की रणनीति, औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली, सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति, रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं का मूल्यांकन और नई औद्योगिक नीति के प्रारूप पर प्राथमिक चर्चा शामिल हैं.अधिकारियों ने बताया कि राज्य में MSME सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए अलग से रोडमैप तैयार किया जा रहा है, ताकि छोटे और मझौले उद्यमों को अधिक सहायता मिल सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनें.

सरकार आर्थिक सुधारों की दिशा में लगातार सक्रिय

पिछले कुछ महीनों से बिहार सरकार विभिन्न विभागों की नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से शासन व्यवस्था में गति लाने और आर्थिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है. उद्योग विभाग की यह समीक्षा बैठक उसी क्रम का अहम हिस्सा मानी जा रही है. बैठक के बाद माना जा रहा है कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और लंबित परियोजनाओं को तेज़ी देने से जुड़े कुछ बड़े फैसले ले सकती है. नई औद्योगिक नीति को लेकर भी जल्द ही महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है. बिहार सरकार की कोशिश है कि अगले कुछ वर्षों में राज्य को औद्योगिक निवेश के लिए अधिक अनुकूल बनाया जाए, जिससे रोजगार बढ़े और आर्थिक विकास की गति तेज हो.

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