Bihar Nuclear Power Plants : बिहार में बेरोजगारी और पलायन को सबसे बड़ी चुनौतियों के रूप में देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य में उद्योगों के विस्तार और रोजगार बढ़ाने के लिए कुल 26,000 करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है। इसकी जानकारी उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी है। डिप्टी सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बिहार को आत्मनिर्भर बनाने और औद्योगिक आधार को मजबूत करने के लिए सरकार तेजी से निवेश बढ़ा रही है। उनका कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर होने से बिहार में उद्योगों की स्थापना के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार हुआ है।
डोभी में जल्द शुरू होगा बड़ा IMC प्रोजेक्ट
सम्राट चौधरी के अनुसार, गया जिले के डोभी में 1,700 एकड़ में फैले इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) का शुभारंभ जल्द किया जाएगा। इसी मॉडल पर राज्य के 29 जिलों की 14,036 एकड़ भूमि पर 31 नए अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। सरकार टेक्सटाइल पार्क, फार्मा पार्क सहित 10 सेक्टर-विशेष पार्कों के विकास पर विशेष फोकस कर रही है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद है।
तीन जिलों में लगेंगे न्यूक्लियर पावर प्लांट
बिहार में औद्योगिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और राष्ट्रीय स्तर पर परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सम्राट चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में तीन न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके तहत सीवान, बांका और रजौली में NPCIL–NTPC की संयुक्त टीम ने सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है। टीम इन संभावित स्थलों पर भूकंपीय स्थिति,पानी की उपलब्धता,भूमि की स्थिति,आबादी का घनत्व और पर्यावरणीय कारक जैसे सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है। सर्वे पूरा होने के बाद केंद्र और राज्य सरकारों को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
ऊर्जा लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम
भारत में 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इन परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार में न्यूक्लियर प्लांट लगने से राज्य की औद्योगिक क्षमता बढ़ने के साथ रोजगार और निवेश में भी बड़ा उछाल आने की संभावना है। एनडीए सरकार का दावा है कि नए औद्योगिक पार्क, IMC और ऊर्जा परियोजनाओं के जरिए बिहार में रोजगार और विकास की राह तेज होगी तथा बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याओं पर निर्णायक प्रभाव पड़ेगा।