शादी करने के लिए कपल्स को मिलते हैं 2.5 लाख रुपये…जानिए कैसे मिलेगी यह सरकारी सहायता

Inter-caste Marriage Scheme : देशभर में हर साल लाखों शादियां होती हैं और इनके आयोजन पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है. एक साधारण शादी भी 10 से 15 लाख रुपये तक की लागत ले लेती है, जिसके चलते कई परिवारों को लोन या रिश्तेदारों से उधार लेना पड़ता है. ऐसे में सरकार की एक खास योजना विवाह करने वाले कपल्स के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है. इस योजना के तहत शादी के बाद जोड़े को 2.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है.

क्या है यह योजना?

यह योजना Dr. Ambedkar Scheme for Social Integration through Inter-Caste Marriages के नाम से चलाई जाती है. इसे डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन के माध्यम से संचालित किया जाता है. स्कीम के तहत यदि कोई व्यक्ति जो दलित समुदाय से नहीं है, वह दलित समुदाय के युवक या युवती से विवाह करता है, तो कपल्स को 2.5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है.यह योजना वर्ष 2013 में कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई थी और आज भी जारी है.

किन शर्तों पर मिलता है लाभ?

शादी करने वाले जोड़े में से एक पार्टनर का दलित समुदाय से होना अनिवार्य है. विवाह को हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के तहत रजिस्टर्ड कराना जरूरी है. यह लाभ सिर्फ पहली शादी पर दिया जाता है. आवेदन शादी के एक वर्ष के अंदर डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन को भेजना होता है. यदि किसी कपल को पहले ही राज्य या केंद्र सरकार की किसी अन्य योजना से आर्थिक सहायता मिली है, तो वह राशि 2.5 लाख रुपये से घटा दी जाएगी. सहायता राशि में से 1.5 लाख रुपये कपल के जॉइंट खाते में NEFT/RTGS के माध्यम से भेजे जाते हैं, जबकि शेष 1 लाख रुपये को 3 साल के लिए एफडी में रखा जाता है. तीन साल बाद यह राशि ब्याज सहित दी जाती है.

कैसे करें आवेदन?

इंटर-कास्ट मैरिज करने वाले इच्छुक कपल इस योजना के लिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन को सांसद या विधायक में से किसी एक की सिफारिश के साथ डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन को भेजना होता है. इच्छुक लोग आवेदन को जिला प्रशासन या राज्य सरकार के माध्यम से भी भेज सकते हैं. योजना की विस्तृत जानकारी ambedkarfoundation.nic.in पर उपलब्ध है. योजना का लाभ लेने लिए इच्छुक आवेदक के आवेदन के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है. हिंदू मैरिज एक्ट के तहत जारी मैरिज सर्टिफिकेट, दलित समुदाय से संबंधित पार्टनर का जाति प्रमाण पत्र.यह पहली शादी है, इसके प्रमाण के लिए कानूनी रूप से विवाहित होने का हलफनामा ,आय प्रमाण पत्र और दोनों के नाम से खुला जॉइंट बैंक अकाउंट चाहिए होता है.

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सरकार की यह योजना सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और इंटर-कास्ट विवाह को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. इससे न सिर्फ आर्थिक बोझ कम होता है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने में भी मदद मिलती है.

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