Unemployment India : ओडिशा में बढ़ती बेरोज़गारी की एक चौंकाने वाली तस्वीर मंगलवार को उस वक्त सामने आई, जब संबलपुर जिले में महज़ 187 होम गार्ड पदों के लिए 8,000 से अधिक युवाओं ने परीक्षा दी। अभ्यर्थियों की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन को परंपरागत परीक्षा केंद्रों के बजाय जमादारपाली एयरस्ट्रिप को परीक्षा स्थल में तब्दील करना पड़ा। यह भर्ती परीक्षा 16 दिसंबर को संबलपुर पुलिस द्वारा जिले के 24 पुलिस थानों में रिक्त होम गार्ड पदों को भरने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। उम्मीदवारों की संख्या अनुमान से कहीं अधिक होने के कारण खुले रनवे पर ही बैठाकर लिखित परीक्षा कराई गई। खुले आसमान के नीचे रनवे पर पंक्तिबद्ध बैठे अभ्यर्थियों का दृश्य असामान्य होने के साथ-साथ बेरोज़गारी की गंभीर स्थिति को भी दर्शाता है।
न्यूनतम योग्यता लेकिन शिक्षित युवाओं की भीड़
इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता केवल कक्षा पाँच उत्तीर्ण निर्धारित थी, बावजूद इसके परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों में बड़ी संख्या में स्नातक, इंजीनियर, MBA, MCA, डिप्लोमा, ITI और तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवा भी शामिल थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश में रोजगार के सीमित अवसरों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को उजागर करती है।
सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतज़ाम
इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को संभालने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए। सामान्य पुलिस बल के अलावा 3 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 24 निरीक्षक, 86 उपनिरीक्षक, 100 से अधिक होम गार्ड और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया। परीक्षा केंद्र की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया, ताकि किसी भी अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
बेरोजगारी पर फिर छिड़ी बहस
संबलपुर में आयोजित इस परीक्षा के दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिसके बाद राज्य और देश में बेरोज़गारी की स्थिति को लेकर बहस तेज हो गई है। जानकारों का कहना है कि सीमित सरकारी भर्तियों के लिए हजारों युवाओं का जुटना यह संकेत देता है कि रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं और शिक्षित युवा भी अब न्यूनतम योग्यता वाली नौकरियों के लिए मजबूर हो रहे हैं।