Bsf constable vacancy : अग्निपथ योजना के तहत देश की सेवा कर चुके अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 से एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) में पूर्व अग्निवीरों (Ex-Agniveers) को सरकारी नौकरी में 50 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर नया नोटिफिकेशन जारी किया है। यह फैसला न सिर्फ लाखों युवाओं के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि उन्हें एक स्थायी और सुरक्षित करियर की दिशा में मजबूत आधार भी देगा। अब तक बीएसएफ में पूर्व अग्निवीरों को केवल 10 प्रतिशत आरक्षण मिलता था, लेकिन नए नोटिफिकेशन के तहत कॉन्स्टेबल लेवल की डायरेक्ट भर्ती की आधी सीटें सिर्फ पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित कर दी गई हैं। यानी हर साल होने वाली बीएसएफ भर्ती में 50 प्रतिशत सीटों पर सिर्फ वही युवा चयनित होंगे, जो चार साल तक बतौर अग्निवीर देश की सेवा कर चुके हैं।
अन्य आरक्षण व्यवस्था भी रहेगी लागू
गृह मंत्रालय के अनुसार, बीएसएफ भर्ती में 50% सीटें पूर्व अग्निवीरों के लिए,10% सीटें पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) के लिए और 3% सीटें बीएसएफ के कॉम्बैटाइज्ड कॉन्स्टेबल (ट्रेड्समैन) के समायोजन के लिए आरक्षित रहेंगी.सरकार का मानना है कि इससे केंद्रीय सुरक्षा बलों को पहले से प्रशिक्षित, अनुशासित और अनुभवी जवान मिलेंगे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
आयु सीमा में बड़ी राहत
बीएसएफ कॉन्स्टेबल पद पर भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों को आयु सीमा में 5 साल की अतिरिक्त छूट दी गई है। यह छूट उन युवाओं के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, जो चार साल की सेवा के बाद रोजगार के अवसर तलाशते हैं।
- सामान्य उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा: 18 से 23 वर्ष
- पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को: 5 साल की छूट
- इसके बाद हर वर्ष के अग्निवीरों को: 3 साल की छूट
फिजिकल टेस्ट से पूरी छूट
बीएसएफ में भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) से पूरी तरह छूट दी गई है। क्योंकि ये युवा पहले से ही सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके होते हैं, इसलिए उन्हें दोबारा फिजिकल परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी।
दो चरणों में होगी BSF कॉन्स्टेबल भर्ती
बीएसएफ कॉन्स्टेबल भर्ती प्रक्रिया अब दो चरणों में पूरी की जाएगी.
पहला चरण
- 50 प्रतिशत सीटों पर सिर्फ पूर्व अग्निवीरों की भर्ती
- यह भर्ती संबंधित नोडल फोर्स द्वारा कराई जाएगी
दूसरा चरण
- शेष 47 प्रतिशत सीटें कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के माध्यम से भरी जाएंगी
- इनमें 10 प्रतिशत सीटें पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित होंगी,अगर पहले चरण में सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा
महिला उम्मीदवारों पर क्या फैसला?
महिला उम्मीदवारों के लिए फिलहाल भर्ती नियमों में कोई अलग बदलाव नहीं किया गया है। हर साल उनकी सीटों का निर्धारण बीएसएफ महानिदेशक (DG BSF) द्वारा कार्यात्मक जरूरतों के आधार पर किया जाएगा।
अग्निवीरों के लिए भविष्य और मजबूत
चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को पहले से ही BSF, CAPFs, CRPF, CISF, राज्य पुलिस और निजी क्षेत्र की नौकरियों में प्राथमिकता मिलती है। अब बीएसएफ कॉन्स्टेबल भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण का यह फैसला अग्निपथ योजना को और मजबूत बनाता है। सरकार का यह कदम उन युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण माना जा रहा है, जिन्होंने कम उम्र में देश की सेवा को चुना। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न सिर्फ युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा को भी अनुभवी और प्रशिक्षित बल मिलेगा।