Bihar police : राज्य सरकार ने पुलिस बल की कार्यक्षमता और फील्ड ऑपरेशन को और अधिक मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने जर्जर और अनुपयोगी हो चुके 657 पुलिस वाहनों को रद्द करने और उनके स्थान पर 494 नए वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है. इस पूरी प्रक्रिया के लिए 70.53 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जिसे वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक, यानी जुलाई 2026 तक पूरा किया जाना है.इस निर्णय को पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, निगरानी और फील्ड मूवमेंट को प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. खासतौर पर वरिष्ठ अधिकारियों के लिए आधुनिक और सुविधायुक्त वाहनों की व्यवस्था की जा रही है.
494 नए वाहनों की खरीद को मंजूरी
योजना के तहत डीआईजी स्तर के छह अधिकारियों के लिए 20-20 लाख रुपये की लागत से नए वाहन खरीदे जाएंगे, जबकि एसपी स्तर के 21 अधिकारियों को 16-16 लाख रुपये की लागत वाले वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे. इन वाहनों से वरिष्ठ अधिकारियों के फील्ड निरीक्षण, मॉनिटरिंग और समन्वय कार्यों में तेजी आएगी. पुलिस मुख्यालय के अनुसार, थानों और फील्ड यूनिट्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 147 चार पहिया वाहन खरीदे जाएंगे. इसके साथ ही पेट्रोलिंग और त्वरित कार्रवाई को मजबूत करने के लिए 157 नई मोटरसाइकिलें भी पुलिस बेड़े में शामिल की जाएंगी. इसके अलावा, विशेष श्रेणी के पुराने वाहनों के स्थान पर 15 एंबुलेंस, 51 ट्रूप कैरियर, 48 बसें, 10 वज्र वाहन, 34 कैदी वाहन और पांच वाटर कैनन वाहन खरीदे जाएंगे. इन संसाधनों से कानून-व्यवस्था, दंगा नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और विशेष अभियानों में पुलिस की क्षमता और प्रभावशीलता बढ़ेगी.
बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने की पहल
इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय में सेंट्रलाइज्ड मॉनीटरिंग सिस्टम (CMS) से जुड़े विशेष कार्य बल की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई है. इस परियोजना पर कुल 11.01 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके लिए बेल्ट्रान द्वारा करीब 10 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई है, जबकि सी-डॉट एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की खरीद पर एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से न केवल फील्ड पुलिसिंग की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि निगरानी, सूचना विश्लेषण और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी कहीं अधिक मजबूत होगी. कुल मिलाकर, राज्य सरकार का यह कदम पुलिस बल के आधुनिकीकरण, संसाधन सुदृढ़ीकरण और बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है.