Lands For Jobs Case : दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से शुक्रवार को आए फैसले ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके पूरे परिवार की चिंताएं बढ़ा दी हैं. बहुचर्चित लैंड फॉर जॉब घोटाले में कोर्ट ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, बेटी मीसा भारती, हेमा यादव समेत कुल 41 लोगों पर आरोप तय कर दिए हैं. अब इन सभी के खिलाफ नियमित रूप से मुकदमा चलेगा. CBI की चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. हालांकि इस मामले में 52 आरोपियों को राहत देते हुए बरी भी किया गया है, लेकिन लालू परिवार के प्रमुख सदस्यों पर आरोप तय होने से राजद की सियासत में भूचाल आ गया है. अगर आने वाले समय में कोर्ट से सजा होती है तो लालू परिवार के कई सदस्यों को जेल जाना पड़ सकता है.
तेजस्वी यादव पर संकट..पार्टी नेतृत्व पर सवाल
इस केस में तेजस्वी यादव भी आरोपी हैं और कोर्ट ने उनके खिलाफ भी आरोप तय कर दिए हैं. तेजस्वी फिलहाल राजद के सबसे बड़े चेहरे हैं और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं. ऐसे में राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि अगर तेजस्वी यादव को जेल जाना पड़ा तो राजद की कमान किसके हाथ में होगी? राजद के इतिहास पर नजर डालें तो पार्टी की कमान हमेशा लालू परिवार के पास ही रही है. 5 जुलाई 1997 को पार्टी के गठन के बाद से अब तक कोई भी गैर-परिवार सदस्य पार्टी का सर्वेसर्वा नहीं बन पाया है. यही वजह है कि एक बार फिर परिवारवादी राजनीति की चर्चा तेज हो गई है.
क्या दोहराएगा 1997 वाला इतिहास?
राजनीतिक जानकारों को 30 जुलाई 1997 की याद आ रही है, जब चारा घोटाले में लालू यादव जेल गए थे. उस वक्त वह बिहार के मुख्यमंत्री थे. जेल जाने के बाद उन्होंने किसी वरिष्ठ नेता को मुख्यमंत्री बनाने की बजाय अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बना दिया था. उस फैसले ने बिहार की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया था. अब करीब तीन दशक बाद एक बार फिर हालात कुछ वैसे ही बनते नजर आ रहे हैं. जानकारों का मानना है कि अगर तेजस्वी यादव पर जेल जाने की नौबत आई तो वह भी अपने पिता के नक्शे-कदम पर चल सकते हैं और अपनी पत्नी राजश्री यादव को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकते हैं. इसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि क्या तेजस्वी की पत्नी राजश्री, राजद की दूसरी राबड़ी देवी बनेंगी?
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कौन हैं राजश्री यादव?
तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव का जन्म हरियाणा के रेवाड़ी में एक ईसाई परिवार में हुआ था. शादी से पहले उनका नाम रचेल गोडिन्हो था. दिल्ली में पली-बढ़ीं राजश्री ने एयर होस्टेस की पढ़ाई की है. लालू परिवार में बहू बनने के बाद उनका नाम रचेल से बदलकर राजश्री रख दिया गया. फिलहाल वह सक्रिय राजनीति से दूर हैं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उन्हें राजनीति में उतारा जा सकता है.
क्या है लैंड फॉर जॉब घोटाला?
लैंड फॉर जॉब घोटाला उस समय का है जब लालू यादव 2004 से 2009 तक केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे. आरोप है कि इस दौरान रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले लोगों से जमीन ली गई. CBI के मुताबिक, रेलवे के कई जोन में ग्रुप-डी के पदों पर 12 लोगों की भर्ती कराई गई और इसके बदले लालू परिवार के नाम पर जमीन के सात प्लॉट ट्रांसफर कराए गए. आरोप है कि नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों ने बाजार कीमत से बेहद कम दाम पर या गिफ्ट डीड के जरिए अपनी जमीनें लालू परिवार के सदस्यों के नाम कर दीं. CBI की चार्जशीट में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं. एजेंसी का दावा है कि यह पूरा मामला भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़ा हुआ है.
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राजद की राजनीति पर बड़ा असर
कोर्ट के इस फैसले के बाद राजद की राजनीति एक बार फिर परिवार और नेतृत्व के सवालों में उलझती नजर आ रही है. तेजप्रताप यादव को पहले ही पार्टी और परिवार से बाहर किया जा चुका है. ऐसे में अगर तेजस्वी यादव को कानूनी संकट का सामना करना पड़ा तो पार्टी के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला लेना पड़ सकता है. अब सबकी नजरें आने वाली सुनवाई पर टिकी हैं. देखना होगा कि अदालत का अगला रुख क्या होता है और क्या लालू परिवार एक बार फिर सियासी विरासत बचाने के लिए वही रास्ता अपनाता है, जो 1997 में अपनाया गया था.