Darbhanga News : दरभंगा राज परिवार की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का सोमवार को 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने राज परिवार के ऐतिहासिक कल्याणी निवास में अंतिम सांस ली. उनके निधन से पूरे मिथिलांचल में शोक की लहर दौड़ गई. मंगलवार को राज परिसर में पारंपरिक विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए. महारानी की अंतिम यात्रा में दरभंगा समेत आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. राज परिवार की परंपराओं के अनुसार पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई. इन सब के बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसको लेकर कहा जा कि अंतिम संस्कार से पहले राज परिवार से जुड़े पुराने विवाद को लेकर कल्याणी निवास परिसर में जमकर हंगामा हुआ.
अंतिम संस्कार से पहले विवाद
महारानी के अंतिम संस्कार से पहले परिजनों के बीच पहले से चला आ रहा विवाद और गहराता नजर आया. कामेश्वर धार्मिक ट्रस्ट के प्रबंधक उदयनाथ झा के पुत्र और महारानी के परिजनों के बीच कल्याणी निवास परिसर में जमकर मारपीट हुई. पुलिस की मौजूदगी में कई बार हालात तनावपूर्ण हो गए और झड़प की स्थिति बनी रही. हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति को किसी तरह नियंत्रित किया गया. हंगामे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग एक-दूसरे से उलझते और हाथापाई करते नजर आ रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंतिम संस्कार से पहले करीब 45-50 साल का एक व्यक्ति एक महिला के साथ परिसर में पहुंचा और जोर-जोर से बोलते हुए गाली-गलौज करने लगा. मौके पर मौजूद लोगों ने जब इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और बात हाथापाई तक पहुंच गई.
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विवाद के बावजूद कंधा देते दिखा वही व्यक्ति
हंगामे के कुछ ही मिनट बाद जब महारानी की अंतिम यात्रा निकाली गई, तो वही व्यक्ति महारानी को कंधा देते हुए नजर आया, जिससे मौके पर मौजूद लोग भी हैरान रह गए. जानकारी जुटाने पर पता चला कि विवाद में शामिल दोनों व्यक्ति आपस में रिश्ते में ममेरे भाई हैं और महारानी की बहन के बेटे बताए जा रहे हैं. हालांकि, वे राज परिवार के प्रत्यक्ष सदस्य नहीं थे. विवाद के कारणों को लेकर किसी भी पक्ष ने खुलकर कुछ कहने से परहेज किया. विवाद में शामिल लोगों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने भी अपना पक्ष रखने से इनकार कर दिया. वहीं, मौके पर मौजूद कुछ जानकार लोगों ने बताया कि ये लोग राज परिवार के प्रत्यक्ष सदस्य नहीं हैं, इसलिए इस मुद्दे को ज्यादा तूल देना उचित नहीं है.
तीन शादियों के बाद भी संतान नहीं
महारानी कामसुंदरी देवी दरभंगा रियासत के अंतिम शासक महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी थीं. 1940 के दशक में उनका विवाह महाराजा कामेश्वर सिंह से हुआ था. महाराजा कामेश्वर सिंह का निधन वर्ष 1962 में हो गया था. उनकी पहली पत्नी महारानी राजलक्ष्मी देवी का निधन वर्ष 1976 में हुआ था, जबकि दूसरी पत्नी महारानी कामेश्वरी प्रिया का निधन 1940 में ही हो गया था. तीन शादियों के बावजूद महाराजा कामेश्वर सिंह को कोई संतान नहीं हुई.
अब कौन संभालेगा दरभंगा राज का ट्रस्ट
राज परिवार से जुड़े ट्रस्ट और संपत्तियों को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है. कोर्ट के आदेश के बाद अब महाराजा कामेश्वर सिंह के छोटे भाई राजा बहादुर विशेश्वर सिंह के छोटे बेटे सुधेश्वर सिंह के बेटे कुमार कपिलेश्वर को दरभंगा राज का ट्रस्टी बनाया गया है. महारानी कामसुंदरी देवी के निधन के साथ ही दरभंगा राज परिवार के एक ऐतिहासिक अध्याय का अंत हो गया है. वहीं, अंतिम संस्कार के दौरान हुए विवाद ने एक बार फिर राज परिवार से जुड़े पुराने विवादों को सुर्खियों में ला दिया है.ये भी पढ़ें : दरभंगा राज परिवार की महारानी का 96 वर्ष की उम्र में निधन