IRCTC scam : आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को बड़ी राहत दी है. राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ ने याचिका में उठाए गए मुद्दों पर सुनवाई करते हुए सीबीआई से अपना पक्ष रखने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई में सीबीआई को जवाब दाखिल करना होगा.
राबड़ी देवी के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को चुनौती
गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 2025 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए थे. कोर्ट ने आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के तहत मुकदमा चलाने का आदेश दिया था. इससे पहले लालू प्रसाद यादव भी आरोप तय करने के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दे चुके हैं. सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया है.
क्या है IRCTC घोटाला
दरअसल, यह मामला आईआरसीटीसी के दो होटल बीएनआर होटल रांची और पुरी होटल के टेंडर में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है. आरोप है कि इन होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर में अनियमितताएं की गईं. राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी मामले में आरोप तय करते हुए सभी आरोपियों को समन जारी किया था. बता दें कि लालू प्रसाद यादव वर्ष 2004 से 2009 तक यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री थे. सीबीआई का आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने रेलवे के अलग-अलग जोनों में ग्रुप डी पदों पर नौकरी देने के बदले अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमीन-जायदाद ट्रांसफर करवाई और इससे आर्थिक लाभ उठाया. अब इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की निगरानी में आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी.