Congress Politics : बिहार कांग्रेस में बागीता और डिफेक्शन की अफवाहों के बीच पार्टी के छह विधायकों ने नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi से मुलाकात कर महत्वपूर्ण बैठक की. बताया जा रहा है कि इस बैठक का उद्देश्य विभागीय सियासी भ्रम और संगठनात्मक असंतुलन को दूर करना था, जो पिछले कुछ दिनों से पार्टी के भीतर उठ रही चर्चाओं का मुख्य विषय रहा था. पार्टी सूत्रों के अनुसार इन विधायकों को दिल्ली बुलाया गया ताकि आगामी बिहार विधानसभा के बजट सत्र और संगठन को मजबूत करने की दिशा में रणनीति पर विचार-विमर्श हो सके. इस बैठक में कांग्रेस के महासचिव K C Venugopal भी मौजूद रहे.
कौन हैं वे छह विधायक?
बैठक में पार्टी के विधायक अबिदुर रहमान (अररिया), सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा (वल्मीकि नगर),अभिषेक रंजन (चंपतिया),मनोज बिस्वास (फोर्ब्सगंज),क़मरुल हौदा (किशनगंज) और मनोहर प्रसाद सिंह (मनीहारी) शामिल रहे.गौरतलब है कि ये सभी विधायक नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर विजयी हुए थे.
डिफेक्शन अफवाहों का खंडन
बैठक के बाद पार्टी नेताओं और विधायकों ने डिफेक्शन की चर्चाओं को पूर्णतया निराधार बताया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने साफ करते हुए कहा कि मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर उड़ रही अटकलें रुमर और कल्पना मात्र हैं, और कोई विधायक पार्टी छोड़ने या किसी अन्य दल से जुड़ने की योजना नहीं बना रहा है. कांग्रेस महासचिव K C Venugopal ने भी कहा कि हर विधायक बैठक में उपस्थित रहा, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच फैलाई जा रही डिफेक्शन की बातें बिना किसी ठोस आधार की अफवाहें हैं.
कांग्रेस के भीतर रणनीतिक बदलाव पर चर्चा
बिहार में कांग्रेस ने चुनाव में महागठबंधन के हिस्से के रूप में लगभग 60 सीटों पर प्रत्याशी उतारे, लेकिन सिर्फ 6 सीटें जीत पाई, जिससे पार्टी की स्थिति काफी कमजोर दिखी. इसके विपरीत राष्ट्रिय जनता दल (RJD) को 25, और राजग गठबंधन को कुल 202 सीटें मिलीं. चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस के भीतर रणनीतिक बदलाव, संगठनात्मक मजबूती, और राजनीतिक गठबंधनों को लेकर गहन विचार-विमर्श चल रहा है. कुछ नेताओं का कहना है कि RJD के साथ गठबंधन कायम रखना कांग्रेस के लिए लाभदायक होगा, जबकि दूसरे कई नेता इसका विरोध करते हुए पार्टी की शक्ति को बढ़ाने की दिशा में अलग रणनीति अपनाने की बात कह रहे हैं.
बैठक का महत्व और आगे की राह
विश्लेषकों के अनुसार बैठक कांग्रेस नेतृत्व द्वारा पार्टी एकता और अनुशासन को बरकरार रखने का एक स्पष्ट संकेत है. पार्टी ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह बिहार विधानसभा बजट सत्र और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार है. कांग्रेस की कोशिश है कि आंतरिक मतभेदों और अफवाहों को शांत कर कार्यकर्ताओं को एकजुट रखा जाए.