आप भी हैं फैंसी नंबर के शौकिन..जानें भारत में कैसे मिलता है गाड़ियों के VIP नंबर, जानें क्या होती है कीमत

How to get VIP Number Plate : ताजा रिपोर्ट की मानें तो बिहार के लोगों में गाड़ियों के वीआईपी नंबर रखने का शौक काफी बढ़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार ही बीते ढाई महीने में राज्य परिवहन विभाग ने वीआईपी नंबरों की नीलामी कर 6 करोड़ की कमाई की है. लेकिन क्या आप जानते हैं, भारत में गाड़ियों के लिए VIP या फैंसी नंबर कैसे मिलते हैं.

ऑनलाइन पोर्टल से होती है शुरुआत

Ministry of Road Transport and Highways ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बना दिया है. इच्छुक वाहन मालिक अब घर बैठे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपनी पसंद का नंबर चुन सकते हैं और जरूरत पड़ने पर ई-नीलामी में भाग लेकर उसे हासिल कर सकते हैं. VIP नंबर लेने के लिए आवेदकों को मंत्रालय के अधिकृत पोर्टल (fancy.parivahan.gov.in) पर पंजीकरण करना होता है. मोबाइल नंबर और OTP सत्यापन के बाद उपयोगकर्ता अपने राज्य और संबंधित RTO (Regional Transport Office) का चयन कर उपलब्ध फैंसी नंबरों की सूची देख सकते हैं.

नंबर की श्रेणियां और क्या होती है उसकी कीमत

फैंसी नंबरों को मांग और लोकप्रियता के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है.

  • सुपर एलीट (Super Elite): जैसे 0001 — सबसे महंगे
  • सिंगल डिजिट (Single Digit): जैसे 0003, 0007
  • रिपीटिंग नंबर (Repeating): जैसे 1111, 7777
  • अन्य विशेष नंबर (Special Numbers)

इनकी शुरुआती कीमत लगभग ₹10,000 से शुरू होकर ₹5 लाख या उससे अधिक तक जा सकती है. अंतिम राशि संबंधित राज्य और मांग पर निर्भर करती है.

क्या होती है ई-नीलामी की प्रक्रिया

अत्यधिक लोकप्रिय नंबरों के लिए ई-ऑक्शन (E-Auction) आयोजित की जाती है. इच्छुक आवेदक निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन बोली लगाते हैं. सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को नंबर आवंटित किया जाता है. यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होती है. नंबर बुक करने के बाद भुगतान नेट बैंकिंग, UPI या डेबिट/क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किया जाता है. सफल भुगतान पर रसीद जारी की जाती है. नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के समय चुना गया VIP नंबर वाहन को आवंटित कर दिया जाता है.

पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा फैंसी नंबरों का चलन

विशेषज्ञों के अनुसार, फैंसी नंबरों का चलन पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है. कारोबारी, सेलिब्रिटी और आम नागरिक भी अपनी गाड़ी के लिए खास पहचान वाले नंबर को प्राथमिकता दे रहे हैं. इससे सरकार को राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है. VIP या फैंसी नंबर लेने की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन और सरल है. इच्छुक वाहन मालिक निर्धारित नियमों का पालन करते हुए अपनी पसंद का नंबर आसानी से प्राप्त कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *