NEET Girl Death CBI investigation : बिहार में चर्चित नीट छात्रा हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में ले ली है. शनिवार को सीबीआई की टीम पटना स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची और करीब तीन घंटे तक तलाशी अभियान चलाया. जिस कमरे में छात्रा रहती थी, उसकी भी बारीकी से जांच की गई. जांच के बाद टीम हॉस्टल से चार बोरे में सामान लेकर रवाना हुई. बताया जा रहा है कि कमरे से छात्रा के कुछ निजी सामान भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा.
प्रशासन ने की हॉस्टल सील
जहानाबाद की रहने वाली छात्रा 6 जनवरी को इसी हॉस्टल में बेहोशी की हालत में मिली थी. उसे पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया. तीन दिन तक प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में उपचार के बाद 10 जनवरी को उसे मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां पांच दिन बाद उसकी मौत हो गई. घटना के कुछ दिनों बाद प्रशासन ने हॉस्टल को सील कर दिया था और वहां रह रही छात्राओं को दूसरे हॉस्टल में स्थानांतरित कर दिया गया था. हाल ही में छात्राओं और उनके परिजनों की मांग पर वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हॉस्टल खोला गया, ताकि छात्राएं अपना सामान ले सकें.
आरोपों पर परिवार ने जताई आपत्ति
परिजनों ने छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया है. उनका यह भी कहना है कि शुरुआती दौर में पुलिस मामले को आत्महत्या बताकर दबाने की कोशिश कर रही थी. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया. जांच में छात्रा के अंडरगारमेंट्स से स्पर्म मिलने की बात सामने आई है, जिसके डीएनए मिलान के लिए कई लोगों के सैंपल लिए गए हैं. इनमें कुछ परिजन और रिश्तेदार भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिस पर परिवार ने आपत्ति जताई है.
नए सिरे से पूरे घटनाक्रम की पड़ताल
पिछले महीने पुलिस ने इस मामले में हॉस्टल के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया था और जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था. एसआईटी ने छात्रा को नाबालिग मानते हुए पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ी थीं. हालांकि, बढ़ते विवाद और परिजनों के आरोपों के बीच बिहार सरकार ने मामला सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया. सीबीआई ने छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार, एजेंसी अब नए सिरे से पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करेगी. टीम उन निजी अस्पतालों में भी जाएगी, जहां छात्रा का इलाज हुआ था, और संबंधित चिकित्सकों से पूछताछ करेगी.