डिजिटली या फिजिकली क्या है सोना खरीदने का बेहतर तरिका…जानें गोल्ड निवेश का सही वक्त ?

Gold investment : आज के समय में गोल्ड निवेश को लेकर युवाओं की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है. मिलेनियल्स से लेकर Gen-Z तक के निवेशक अपने पोर्टफोलियो में सोने को शामिल कर रहे हैं. विशेषज्ञों का भी मानना है कि यह निवेशकों के लिए एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है.

युवाओं में बढ़ रहा गोल्ड निवेश का क्रेज

हाल ही में एक मीडिया चैनल से बातचीत में वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल इंडिया के रीजनल सीईओ सचिन जैन ने कहा कि सोना खरीदने का कोई निश्चित सही या गलत समय नहीं होता. यह पूरी तरह निवेशक की वित्तीय योजना और प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियां जैसे युद्ध या आर्थिक अनिश्चितता सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प बनाती हैं, लेकिन स्थिर समय में भी इसे पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा माना जाता है.

टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी बढ़ी मांग

विशेषज्ञों के अनुसार गोल्ड केवल निवेश का साधन ही नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु भी है. आज के दौर में टेक्नोलॉजी सेक्टर सहित कई उद्योगों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.

डिजिटल गोल्ड और ईटीएफ बने युवाओं की पसंद

सचिन जैन ने बताया कि युवा निवेशक अब फिजिकल गोल्ड के साथ-साथ डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF, गोल्ड फंड और गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों को भी तेजी से अपना रहे हैं. हालांकि जो निवेशक फिजिकल गोल्ड खरीदना चाहते हैं, उनके लिए सिक्के और सोने की छड़ें बेहतर विकल्प माने जाते हैं.

लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए उपयोगी

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोना पोर्टफोलियो को विविधता (Diversification) देने और जोखिम कम करने में मदद करता है. इसलिए इसे लॉन्ग-टर्म निवेश रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है.

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