Bihar agriculture crisis : बिहार में बेमौसम बारिश और आंधी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. राज्य के कई जिलों में गेहूं, मक्का, सरसों, लीची और आम की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार रबी फसलों को औसतन 30% तक क्षति पहुंची है, जिससे लाखों किसान परिवार प्रभावित हुए हैं.
किसानों का आर्थीक नुकासान
शुक्रवार रात और शनिवार को हुई बारिश के कारण अररिया, खगड़िया, बेगूसराय सहित कई जिलों में 10 से 20 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई. इससे खेतों में पानी भर गया और खड़ी फसलें गिर गईं. उत्तर और पूर्व बिहार के इलाकों में इसका असर अधिक देखा गया है. गेहूं और मक्के की फसल पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है. कई जगहों पर गेहूं की फसल पकने से पहले ही गिर गई, जिससे दानों के विकास पर असर पड़ा है. वहीं, मक्का के पौधे गिरने के बाद उनमें दाने बनने की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है. इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है. फल उत्पादन पर भी इस मौसम का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. इस समय आम और लीची के पेड़ों पर मंजर और छोटे फल (टिकोले) निकलते हैं, लेकिन तेज आंधी के कारण मंजर गिर गए हैं. विशेषज्ञों के अनुसार इससे 50% तक नुकसान का अनुमान है.
26 से 28 मार्च तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश की संभावना
इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 26 से 28 मार्च तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. विभाग ने यलो अलर्ट घोषित किया है. IMD ने 26 मार्च को पश्चिमी और दक्षिण मध्य बिहार में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है, 27 मार्च को पूरे बिहार में एक या दो स्थानों पर बारिश और बिजली गिरने के आसार, तेज हवाएं भी चल सकती हैं और 28 मार्च को उत्तरी, दक्षिण मध्य और दक्षिण-पूर्वी बिहार के जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात की संभावना है.