बिहार में यार..केरल में तकरार..! विधानसभा चुनाव में आरजेडी–कांग्रेस आमने सामने

Tejashwi yadav : बिहार में साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अब केरल में (Assembly Elections)  एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। इस बदले राजनीतिक समीकरण ने गठबंधन राजनीति पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने संयुक्त रैलियां की थीं और दोनों दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। लेकिन केरल में स्थिति अलग है, जहां आरजेडी ने लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के साथ गठबंधन किया है और तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इन सीटों पर उसका मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) से है।

कांग्रेस के खिलाफ चुनावी मैदान में

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भले ही इंडिया गठबंधन मौजूद है, लेकिन राज्य स्तर पर राजनीतिक समीकरण अलग हो सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ती है, जबकि कुछ राज्यों में दोनों साथ भी होते हैं। केरल दौरे पर पहुंचे तेजस्वी यादव ने एलडीएफ सरकार के कामकाज की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में केरल एक विकसित राज्य है और बिहार जैसे राज्यों को इससे सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने कोविड-19 के दौरान राज्य सरकार के काम को भी सराहा।

केरल में कैसा रहेगा आरजेडी का प्रदर्शन

साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि केरल के साथ आपदा और बाढ़ के समय पर्याप्त सहयोग नहीं किया गया। तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि केरल में एलडीएफ फिर से सत्ता में आए और विकास का काम जारी रहे। जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ने पर क्या कहना है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता सांप्रदायिक ताकतों को रोकना है और इसी उद्देश्य से अलग-अलग राज्यों में अलग रणनीति अपनाई जाती है। अब नजर इस बात पर है कि केरल में आरजेडी का प्रदर्शन कैसा रहता है। पार्टी तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है और यह देखना दिलचस्प होगा कि वह कितनी सीटों पर जीत दर्ज कर पाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *