24 की चोट पर बंगाल में जीत का मरहम..! 2027 और 2029 से पहले बीजेपी का बड़ा बाउंसबैक

BJP Politics : 2024 का लोकसभा चुनाव परीणाम भाजपा के उम्मीद के हिसाब से नही आया. पार्टी का अबकी बार 400 पार वाला नारा 2024 में अधूरा रह गया. हालांकि तीसरी बार भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार की वापसी हुई. 2024 के लोकसभा चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने महज़ दो वर्षों में जोरदार वापसी लिया है. हालिया विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचकर पार्टी ने अपने मिशन को निर्णायक मोड़ दे दिया है. बंगाल की जीत पार्टी के लिए इस दशक की सबसे बड़ी जीत है. क्योंकि पश्चिम बंगाल में जीत को बीजेपी के लिए रणनीतिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर अहम है. लंबे समय से ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी का गढ़ रहे बंगाल में यहां सत्ता परिवर्तन बीजेपी के लिए बड़ी उपलब्धि है.

बंगाल में जीत के मायने

बीजेपी की नजर पश्चिम बंगाल पर 2014 से ही रही है. 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने यहां मजबूत प्रदर्शन किया था, लेकिन 2021 विधानसभा चुनाव में सत्ता हासिल नहीं कर पाई. 2024 के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों और रणनीति ने पार्टी को इस बार बढ़त दिलाई. भवानीपुर जैसे अहम क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव के दौरान मिले संकेतों के आधार पर बीजेपी ने मजबूत उम्मीदवार उतारे. शुभेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी के खिलाफ उतारना उसी रणनीति का हिस्सा था, जो अब सफल होती दिख रही है. जीत का यह नुस्खा पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में ही इजाद कर लिया था. टीएमसी के गढ़ में उसके प्रधानसेनापति को पछाडने की राणनीति काम आई और 2026 में 2021 वाला नारा परीणाम में बदल गया.

विधानसभा चुनावों में प्रदर्शन

भले ही 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन उसके उम्मीद के मुताबिक ना रहा हो लेकिन 2024 के बाद हुए अधिकांश विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया. पहले हरियाणा: की सत्ता में वापसी, फिर महाराष्ट्र में सरकार गठन के साथ साथ मुख्यमंत्री पद पर कब्जा, झारखंड में सीमित सफलता मिली तो दिल्ली में भाजपा ने आम आदमी पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया. उधर बिहार में मजबूत जीत के साथ न सिर्फ सरकार गठन बल्की राज्य में अपना मुख्यमंत्री भी बनाया. और अब बंगाल में बड़ी जीत. उधर तमिलनाडु और केरल के हालिया चुनाव नतीजों ने भी बीजेपी के लिए नए अवसर खोले हैं. तमिलनाडु में डीएमके की हार से राजनीतिक संतुलन बदला और बीजेपी पहले से ही एआईएडीएमके के साथ गठबंधन में है जिसका फायदा उसे हो सकता है. केरल में कांग्रेस गठबंधन की संभावित वापसी से बीजेपी को नई रणनीति बनाने का मौका मिलेगा क्योंकि बीजेपी बनाम कांग्रेस की सीधी लड़ाई में कांग्रेस की स्थिति कमजोर हैं.

ब्रांड मोदी और चुनावी रणनीति से भाजपा की वापसी

बीजेपी की वापसी में ब्रांड मोदी की बड़ी भूमिका है. 2024 के बाद हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और अब बंगाल में पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा. बिहार चुनाव में बीजेपी ने विपक्ष को सीमित कर दिया, जबकि बंगाल में भी उसी रणनीति का विस्तार देखने को मिला. फिलहाल बीजेपी 16 राज्यों में सत्ता में है, और बंगाल के जुड़ने के बाद यह संख्या 17 हो जाएगी. एनडीए शासित राज्यों की संख्या बढ़कर 23 तक पहुंचने की संभावना है.अब बीजेपी की नजर 2027 के विधानसभा चुनावों पर है.

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