Bihar free coaching scheme : शिक्षा के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के मेधावी छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है. फ्री कोचिंग योजना के तहत राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है. यह योजना न केवल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित कर रही है, बल्कि सरकारी नौकरियों में वंचित वर्गों की भागीदारी बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रही है. योजना का संचालन राज्य के SC/ST कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है.
कई जिलों में स्थापित किए गए प्रशिक्षण केंद्र
योजना के अंतर्गत बिहार के प्रमुख जिले पटना, आरा, गया, भागलपुर, छपरा, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर और दरभंगा में परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र (Examination Training Centres) स्थापित किए गए हैं. इन केंद्रों पर UPSC, BPSC, SSC, रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और बिहार पुलिस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है. सबसे खास बात यह है कि इन कोचिंग सुविधाओं के लिए छात्रों से किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाती.
सकारात्मक परिणाम दिखने लगे
इस योजना का असर अब परिणामों में भी दिखाई देने लगा है. वर्ष 2025 में इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 91 अभ्यर्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की. इनमें शिक्षक भर्ती, SSC, रेलवे और पुलिस भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि उचित मार्गदर्शन, संसाधन और अनुकूल माहौल मिलने पर छात्र किसी भी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं. हालांकि योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी पहुंच और प्रभाव को और बढ़ाने की आवश्यकता है. कई जिलों में सीटें सीमित होने के कारण सभी इच्छुक छात्रों को अवसर नहीं मिल पाता. इसके अलावा डिजिटल संसाधनों और ऑनलाइन कोचिंग के विस्तार की भी जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि दूरदराज के छात्र भी इसका लाभ उठा सकें.
2400 से अधिक छात्रों को मिल रहा लाभ
वर्तमान में इन केंद्रों पर लगभग 2400 अभ्यर्थियों को मुफ्त कोचिंग, टेस्ट सीरीज, इंटरव्यू गाइडेंस और करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं. अनुभवी शिक्षकों द्वारा नियमित कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे छात्रों की तैयारी व्यवस्थित और प्रतिस्पर्धी स्तर की हो सके. यह योजना केवल प्रशासनिक सेवाओं तक सीमित नहीं है. पटना स्थित चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान (CIMP) में स्टूडेंट गाइडेंस सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां GMAT जैसी परीक्षाओं की भी मुफ्त कोचिंग दी जा रही है. यह पहल उन छात्रों के लिए खासतौर पर लाभकारी है जो मैनेजमेंट क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं.
पात्रता मानदंड
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की गई हैं. जिसके तहत अभ्यर्थी बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए, उसके परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से कम होनी चाहिए और आवेदक SC या ST वर्ग से होना चाहिए. इन मानदंडों के जरिए यह सुनिश्चित किया गया है कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद छात्रों तक पहुंचे.
सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम
बिहार सरकार की यह फ्री कोचिंग योजना केवल एक शैक्षणिक पहल नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह योजना उन युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरी है जो संसाधनों की कमी के बावजूद अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस योजना को और मजबूती से लागू किया जाए, तो यह राज्य के हजारों छात्रों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है.