Car bike key metal tag : नई कार या बाइक खरीदते समय शोरूम से मिलने वाली चाबी के साथ अक्सर एक छोटा सा मेटल या एल्युमीनियम टैग भी जुड़ा होता है. ज्यादातर लोग इसे बेकार समझकर तुरंत हटा देते हैं या कहीं फेंक देते हैं. वहीं कुछ लोग इसे सालों तक चाबी के साथ ही लटकाए रखते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह छोटा सा टैग वाहन की सुरक्षा और सुविधा से सीधे तौर पर जुड़ा होता है.
क्या होता है इस टैग पर लिखा कोड?
वाहन की चाबी के साथ मिलने वाले इस धातु के टैग पर कुछ अंक या अल्फान्यूमेरिक कोड लिखा होता है. इसे की कोड कहा जाता है. यह दरअसल आपकी गाड़ी की चाबी का यूनिक तकनीकी पहचान नंबर होता है.अगर कभी आपकी गाड़ी की मूल चाबी खो जाए या दोनों चाबियां गुम हो जाएं, तो यही कोड नई चाबी बनवाने में सबसे बड़ी मदद करता है. आधुनिक तकनीक की मदद से कंपनियां इस कोड के आधार पर बिल्कुल ओरिजिनल जैसी नई चाबी तैयार कर सकती हैं.
नई चाबी बनवाने में कैसे करता है मदद?
ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर में इस की-कोड को विशेष मशीन में फीड किया जाता है. इसके बाद मशीन उसी पैटर्न के अनुसार नई चाबी की कटिंग तैयार करती है.
इस प्रक्रिया से बनी चाबी बिल्कुल मूल चाबी की तरह काम करती है और लॉक में आसानी से फिट हो जाती है. लेकिन अगर यह कोड उपलब्ध न हो, तो कई बार पूरा लॉक सिस्टम बदलना पड़ सकता है, जिससे भारी खर्च उठाना पड़ सकता है.
स्मार्ट की और की-फोब में भी जरूरी है यह टैग
आजकल कई आधुनिक कारों में स्मार्ट की और की-फोब सिस्टम दिया जा रहा है. इनमें इलेक्ट्रॉनिक लॉकिंग के साथ एक इमरजेंसी फिजिकल चाबी भी मौजूद रहती है. यदि यह चाबी खो जाए या खराब हो जाए, तो नई इमरजेंसी चाबी बनाने के लिए भी यही की-कोड काम आता है. इतना ही नहीं, अगर चाबी चोरी हो जाए तो सर्विस सेंटर इसी कोड की मदद से पुरानी चाबी के एक्सेस को ब्लॉक कर नई चाबी को सिस्टम में रजिस्टर कर सकता है.
सुरक्षा के लिहाज से क्यों है बेहद अहम?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह छोटा सा मेटल टैग आपकी गाड़ी की चाबी का डिजिटल पहचान नंबर माना जाता है. इसलिए इसे बेहद सावधानी से संभालकर रखना चाहिए. सलाह दी जाती है कि इसे चाबी के साथ हमेशा लटकाकर न रखें. बेहतर होगा कि इसे गाड़ी के दस्तावेजों के साथ किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाए. साथ ही इस कोड की फोटो लेकर मोबाइल या ईमेल में सुरक्षित रखना भी समझदारी भरा कदम माना जाता है.
गलत हाथों में पहुंचा तो बढ़ सकता है खतरा
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह की-कोड किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग जाए, तो वह इसके आधार पर डुप्लीकेट चाबी बनवाने की कोशिश कर सकता है. ऐसे में वाहन चोरी का खतरा भी बढ़ सकता है. यही वजह है कि गाड़ी की चाबी के साथ मिलने वाले इस छोटे से मेटल टैग को कभी भी मामूली समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.