दरभंगा एयरपोर्ट की सुरक्षा अब CISF के हाथों में…बिहार का तीसरा एयरपोर्ट बना हाई-सिक्योरिटी जोन

Darbhanga Airport : दरभंगा एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था अब और मजबूत हो गई है. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी Central Industrial Security Force (CISF) ने एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है. इस मौके पर एयरपोर्ट परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत बिहार सरकार के दूसरे वरिष्ठ मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए.

इस मामले में देश का 72वां हवाई अड्डा

दरभंगा एयरपोर्ट अब देश का 72वां हवाई अड्डा बन गया है, जहां CISF की तैनाती की गई है. वहीं बिहार में Jay Prakash Narayan International Airport और Gaya Airport के बाद यह तीसरा एयरपोर्ट है, जिसे CISF सुरक्षा कवच मिला है. एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए शुरुआती चरण में 145 CISF जवानों की तैनाती की गई है. दरभंगा का इलाका रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यह भारत-नेपाल सीमा के नजदीक स्थित है. सीमा पार तस्करी, ड्रोन गतिविधियों और अन्य सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यहां केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती लंबे समय से जरूरी मानी जा रही थी.

एयरफोर्स स्टेशन के भीतर संचालित होता है एयरपोर्ट

दरभंगा एयरपोर्ट भारतीय वायुसेना स्टेशन के परिसर में सिविल एन्क्लेव के रूप में संचालित होता है. ऐसे में यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है. CISF अब यात्रियों और सामान की जांच, प्रवेश नियंत्रण, निगरानी व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसी अहम जिम्मेदारियां संभालेगा.

QRT, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड भी तैनात

आधुनिक सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट पर कई विशेष इकाइयों की भी तैनाती की गई है. इनमें क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), बम निरोधक दस्ता (BDS) और विस्फोटक पहचान करने वाला डॉग स्क्वॉड शामिल है. इन इकाइयों की मौजूदगी से एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत और तकनीकी रूप से सक्षम होगी.

उत्तर बिहार के लिए लाइफलाइन बन रहा दरभंगा एयरपोर्ट

UDAN Scheme के तहत शुरू हुआ दरभंगा एयरपोर्ट पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है. यह एयरपोर्ट उत्तर बिहार के लाखों लोगों के लिए बड़ी सुविधा बनकर उभरा है. यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या ने क्षेत्रीय व्यापार, रोजगार और कनेक्टिविटी को नई गति दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि CISF की तैनाती के बाद एयरपोर्ट की विश्वसनीयता और सुरक्षा मानकों में और सुधार होगा, जिससे भविष्य में यहां से उड़ानों और यात्री सुविधाओं के विस्तार का रास्ता भी मजबूत होगा.

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