2029 में एक साथ होंगे लोकसभा-विधानसभा चुनाव..! परिसीमन के लिए भी नई रणनीति बना रही सरकार..

National News : संसद के बीते सत्र में परिसीमन (Delimitation) विधेयक को पारित कराने में मिली बड़ी राजनीतिक हार के बाद केंद्र सरकार अब इस कानून को नए स्वरूप में फिर से लाने की तैयारी कर रही है. परिसीमन के साथ-साथ सरकार वन नेशन, वन इलेक्शन (एक देश, एक चुनाव) विधेयक को भी 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है.

गृह मंत्रालय तैयार कर रहा नया परिसीमन विधेयक

इंडियन एक्सप्रेस के ताजा रिपोर्ट में सूत्रों के हावाले से दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का आत्मविश्वास बढ़ा है और वह संसद में नए राजनीतिक समीकरण बनाने के लिए क्षेत्रीय दलों से संपर्क साध रही है. सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय परिसीमन पर नया विधेयक तैयार कर रहा है. जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले अप्रैल 2026 में सरकार संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं दिला पाई थी. अप्रैल में जब परिसीमन विधेयक संसद में पेश किया गया था, तब विपक्षी INDIA गठबंधन के 230 सांसदों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया था. जिसके बाद से अब सरकार नए सिरे से इस पर काम कर रही है.

डीएमके के साथ संवाद बढ़ा रही भाजपा

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डीएमके के भीतर कुछ नेता विशेष मुद्दों पर भाजपा के साथ संवाद के पक्ष में हैं. भाजपा सूत्रों ने अखबार को बताया कि पार्टी ने वन नेशन, वन इलेक्शन विधेयक को लेकर डीएमके से संपर्क किया है. भाजपा ने कथित तौर पर डीएमके की आपत्तियों को दूर करने के लिए विधेयक में कुछ बदलावों का प्रस्ताव भी दिया है. इसके अलावा इस बात की चर्चा भी है कि भाजपा और डीएमके के बीच राजनीतिक गठबंधन की संभावना को हवा दी जा रही हालांकि तत्काल परिस्थिति में ऐसी संभावना नहीं लग रही, लेकिन कुछ मुद्दों पर सहयोग की शुरुआत हो सकती है. वहीं डीएमके के नेताओं का कहना है कि पार्टी का रुख हमेशा तमिलनाडु के हितों के आधार पर तय होगा.रिपोर्ट में डीएमके के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से कहा गया है कि यदि केंद्र डीएमके को यह भरोसा दिलाता है कि जनसंख्या नियंत्रण में सफल दक्षिणी राज्यों की संसदीय हिस्सेदारी कम नहीं होगी, तो पार्टी किसी प्रस्ताव को केवल वैचारिक आधार पर खारिज नहीं करेगी.

क्यों हो रही चर्चा

रिपोर्ट के अनुसार हालिया विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावनाएं जताई जा रही हैं। सूत्रों का दावा है कि डीएमके के कुछ नेता विशेष मुद्दों पर केंद्र सरकार का समर्थन करने के पक्ष में हो सकते हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस के भीतर भी आंतरिक मतभेदों पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। हालांकि यदि परिसीमन या वन नेशन, वन इलेक्शन जैसे संवैधानिक संशोधनों पर सरकार को अतिरिक्त समर्थन मिलता है, तब भी लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए उसे कई अन्य क्षेत्रीय दलों का सहयोग जुटाना होगा। इसी को देखते हुए भाजपा विभिन्न क्षेत्रीय पार्टियों के साथ संवाद बढ़ाने में लगी है। वहीं राज्यसभा में भी एनडीए की संख्या लगातार बढ़ रही है और गठबंधन आवश्यक बहुमत के करीब पहुंचता दिखाई दे रहा है। हालांकि इन दोनों विधेयकों का भविष्य अंततः विपक्षी दलों के रुख और संसद में बनने वाले नए राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेगा।

वन नेशन वन इलेक्शन पर भी तेजी

ज्ञात हो कि वन नेशन, वन इलेक्शन’ विधेयक फिलहाल 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास विचाराधीन है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है क्योंकि विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल अलग-अलग समय पर समाप्त हो रहा है.