नई दिल्ली। महाराष्ट्र कैडर की आईएएस अधिकारी पूजा खेडेकर पूरे देश में चर्चा में हैं। इसके पीछे की वजह यह आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए आईएएस पद हासिल किया है। दावा किया जा रहा है कि पूजा खेडेकर ने UPSC द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए जाली विकलांगता और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए। यह भी बताया गया है कि उन्होंने बार-बार मेडिकल टेस्ट से परहेज किया है। आप जानते है ये आईएएस अधिकारी कौन है ? इस लेख में हम आपको बताते है कौन हैं पूजा खेडकर और क्या है उनसे जुड़ा विवाद?
पिता के हलफनामे में बेटी का जिक्र नहीं
देश में चर्चा का केंद्र बनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडेकर महाराष्ट्र कैडर के 2023 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। प्रशिक्षण चरण में होने के बावजूद वे अक्सर विवादों में घिरी रहती हैं। उनके विकलांगता प्रमाण पत्र को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। हाल ही में पूजा खेडेकर का एक विवादित मॉक इंटरव्यू क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में वे ओबीसी कोटे के इस्तेमाल को लेकर वो सवालों का सामना कर रही हैं। पूजा खेडेकर का चयन ओबीसी कोटे के नॉन-क्रीमी लेयर के तहत हुआ था। उनका दावा है कि वे अपने पिता से अलग रहती हैं। पूजा के पिता 2024 के लोकसभा चुनाव में बहुजन अघाड़ी के उम्मीदवार थे और उन्होंने नामांकन में 40 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी, लेकिन अपने हलफनामे में अपनी बेटी या पत्नी के बारे में कुछ भी नहीं बताया।
निजी ऑडी कार और वीआईपी नंबर
रिपोर्ट के मुताबिक, आईएएस अधिकारी पूजा खेडेकर के पास लाल-नीली बत्ती वाली एक निजी ऑडी कार है और वे वीआईपी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करती है। एक अधिकारी ने दावा किया कि खेडेकर ने मानसिक बीमारी का प्रमाण पत्र देकर ओबीसी और विकलांग श्रेणियों के तहत सिविल सेवा परीक्षा दी थी। जब उनसे दिल्ली एम्स में उनके विकलांगता प्रमाण पत्र को सत्यापित करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कोविड-19 का हवाला दिया और वहां नहीं गईं। इससे पहले, पूजा खेडेकर ने पुणे में अपनी पोस्टिंग के दौरान वीआईपी नंबर, चैंबर और आवास की मांग करके विवाद खड़ा कर दिया था। इससे सार्वजनिक रूप से हंगामा हुआ और बाद में उनका तबादला वाशिम कर दिया गया। उनके पिता भी पूर्व सिविल सेवक हैं। इससे पहले उनके विकलांगता प्रमाण पत्र को लेकर भी विवाद हुआ था।
पूजा खेडकर का पुणे से वाशिम में तबादला
एक सरकारी पत्र के अनुसार, 2023 आईएएस बैच की पूजा खेडेकर को उनकी शेष प्रशिक्षण अवधि पूरी करने के लिए वाशिम स्थानांतरित कर दिया गया। वह 30 जुलाई, 2025 तक वहां अतिरिक्त सहायक कलेक्टर के रूप में काम करेंगी। पुणे कलेक्टर सुहास दिवासे की रिपोर्ट के अनुसार, अपनी ड्यूटी शुरू करने से पहले ही खेडेकर ने बार-बार एक अलग केबिन, कार, आवासीय क्वार्टर और एक चपरासी की मांग की थी, जो प्रोबेशनरी अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराया जाता है। पूजा खेडेकर पर पुणे कलेक्टर के कार्यालय में एक वरिष्ठ अधिकारी की नेमप्लेट हटाने का भी आरोप लगाया गया था।