नई दिल्ली। Agniveer Scheme को लेकर चल रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कांस्टेबल के 10 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित कर दिए हैं। सरकार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के लिए शारीरिक परीक्षण में छूट भी प्रदान करेगी। गृह मंत्रालय ने कहा कि अग्निवीरों को केंद्रीय पुलिस बलों में भी नौकरी मिलेगी, जिसमें 10 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगे। पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक परीक्षण से छूट मिलेगी, और CISF में भी 10 प्रतिशत पद उनके लिए आरक्षित होंगे। CISF की महानिदेशक नीना सिंह ने बताया कि CISF ने इस संबंध में सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं।
अग्निपथ योजना पर क्या है विवाद
हाल ही में संपन्न संसद सत्र के दौरान विपक्ष ने अग्निपथ योजना को लेकर सवाल उठाए । विवाद के जवाब में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी के दावों का खंडन करते हुए कहा कि 158 संगठनों से सलाह-मशविरा करने के बाद इस योजना को लागू किया गया है। राहुल गांधी ने दावा किया था कि सरकार अग्निवीरों को डिस्पोजेबल कार्यकर्ता मानती है और उन्हें शहीद का दर्जा नहीं देती है।
2022 में शुरू की गई Agniveer Scheme
ज्ञात हो कि14 जून, 2022 को घोषित अग्निपथ योजना में 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को चार साल की अवधि के लिए भर्ती करने का प्रावधान है, जिसमें 25 प्रतिशत अग्निवीरों को अतिरिक्त 15 साल तक बनाए रखने का प्रावधान है। बाद में सरकार ने ऊपरी आयु सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी। पूर्व अग्निवीरों के पहले बैच के लिए, पाँच साल की आयु में छूट प्रदान की गई, जबकि बाद के बैचों को तीन साल की छूट मिली।