पटना। राजद नेता सुनील सिंह ने विधान परिषद की सदस्यता रद्द हो गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अलोकतांत्रिक व्यवहार करने का आरोप लगाया है। कुमार ने कहा कि राजद के लाखों कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं। मीडिया से बातचीत में सुनील कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार ने विधानसभा में सभी लोकतांत्रिक मूल्यों को त्याग दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार का एकमात्र उद्देश्य उन्हें बाहर करना था, क्योंकि वह भ्रष्टाचार को उजागर करते हैं, पलायन के बारे में बात करते हैं और शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में सुधार की वकालत करते हैं।
महिलाओं को लेकर अनुचित भाषा के कारण नीतीश कुमार पर होनी चाहिए कार्रवाई : सुनील सिंह
पूर्व एमएलसी ने टिप्पणी की कि महिलाओं के बारे में उनकी अनुचित भाषा के कारण नीतीश कुमार पर कार्रवाई होनी चाहिए, जिसकी प्रधानमंत्री ने भी आलोचना की थी। कुमार ने नीतीश पर अनुसूचित जाति के व्यक्ति जीतन राम मांझी को अपमानित करने और उन्हें लगातार धमकी देने का आरोप लगाया। इसलिए, नीतीश कुमार के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी लबादा ओढ़ने वाले नीतीश कुमार से ज्यादा भ्रष्ट नेता देश में कोई नहीं है।
पार्टी पर बड़ी प्रतिक्रिया
पार्टी के रुख पर बोलते हुए सुनील कुमार ने कहा कि राजद में उन्हें जो सम्मान मिलता है, उसके लिए 10 MLC पद कुर्बान करने के बराबर है। नीतीश कुमार उन्हें विधानसभा में रोक सकते हैं, लेकिन सड़क पर बोलने से नहीं रोक सकते। कुमार ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सवाल उठाते रहने की कसम खाई और चेतावनी दी कि नीतीश कुमार उन्हें सपनों में भी देखेंगे। कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि वे बदले की भावना से काम नहीं करते। उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि लालू यादव से बड़ा दयालु नेता कोई नहीं है। नीतीश कुमार द्वारा उन्हें कुचलने की कोशिशों के बावजूद राजद के लाखों कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं।
इसलिए खत्म हुई सुनील सिंह की सदस्यता
गौरतलब है कि राजद MLC सुनील सिंह की सदस्यता शुक्रवार को समाप्त कर दी गई थी। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मिमिक्री उतारने के कारण की गई। यह फैसला विधान परिषद की आचार समिति की रिपोर्ट के बाद लिया गया। सिंह पर विधानसभा में असंसदीय और अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सुनील सिंह की सदस्यता समाप्त करने का आदेश दिया।
(क्रेडिट : मीडिया इनपुट )