पटना। Patna Metro का ट्रायल रन अगले साल अक्टूबर-नवंबर में संभावित विधानसभा चुनाव से पहले होने की उम्मीद है। इसकी तैयारियां चल रही हैं, अगस्त में मेट्रो डिपो में ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। मेट्रो डिपो का निर्माण अगले साल मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है, जो मेट्रो ट्रेनों के ट्रायल, रखरखाव और तकनीकी निरीक्षण का काम संभालेगा।
पाँच एलिवेटेड स्टेशनों के बीच Patna Metro का ट्रायल रन
रिपोर्ट के अनुसार, प्रारंभिक मेट्रो सेवा पाँच एलिवेटेड स्टेशनों के बीच चलेगी इसमें मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरो माइल और न्यू आईएसबीटी। न्यू आईएसबीटी के पास स्थित मेट्रो डिपो का काम लगभग पूरा हो चुका है और अन्य प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर 75 प्रतिशत सिविल कार्य पहले ही हो चुका है। शेष कार्य, मुख्य रूप से बाईपास के पास, पाँच से छह महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद प्राथमिकता वाले कॉरिडोर पर ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। एलिवेटेड रूट पर पांचों स्टेशनों का निर्माण प्रीफैब्रिकेटेड तकनीक का उपयोग करके किया जाएगा और इनके छह महीने के भीतर आकार लेने की उम्मीद है। इन स्टेशनों को पहले एक कार्यशाला में इकट्ठा किया जाएगा और फिर उनके निर्धारित स्थानों पर स्थापित किया जाएगा। इस कार्य के लिए एक एजेंसी का चयन किया गया है, जिसके लिए 75 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
JICA के साथ वित्तपोषण की चुनौतियां
Patna Metro के प्राथमिकता वाले गलियारे के विकास में एक महत्वपूर्ण बाधा जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) है। ट्रैक बिछाने और अन्य तकनीकी कार्य जेआईसीए के फंड पर निर्भर हैं, जो पिछले साल राज्य सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने के बावजूद अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। अगर जेआईसीए के साथ गतिरोध जारी रहता है, तो राज्य सरकार पटरियाँ बिछाने और बोगियाँ खरीदने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर सकती है। अधिकारियों का अनुमान है कि अगर सब कुछ ठीक रहा, तो ये काम छह महीने से एक साल के भीतर पूरे हो सकते हैं।
(क्रेडिट : मीडिया इनपुट )