Reservation पर NDA के सहयोगियों में तकरार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मांझी- चिराग आमने सामने

पटना। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा Reservation के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने पर जीतन राम मांझी खफा हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन्हें हमेशा आरक्षण मिलता रहेगा?

झारखंड में भी चुनाव लड़ेंगी HUM

रांची में हुई कार्यकारिणी की बैठक के बारे में उन्होंने इसकी तुलना धूल और गंदगी से सने कुश्ती के मैदान में उतरने वाले पहलवान से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह पहलवान को चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए, उसी तरह राजनीतिक दलों को भी अपनी-अपनी प्रैक्टिस में लग जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि झारखंड में उनकी सफल बैठक हुई और आगामी चुनाव के लिए रणनीति बनाई गई। पहली बार 15 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और हिंदुस्तानी और मोर्चा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि झारखंड में वे चुनाव लड़ेंगे और उपचुनाव में भी हिस्सा लेंगे।

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Reservation पर एक दशक पहले आना चाहिए था कोर्ट का आदेश : मांझी

कोटा आरक्षण मुद्दे पर चिराग पासवान द्वारा पुनर्विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति का लगातार बिगड़ना उचित नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया और कहा कि यह निर्णय एक दशक पहले हो जाना चाहिए था। अंबेडकर के अनुसार, साक्षरता एक मानदंड है। 15% से कम साक्षरता दर वाले सबसे निचले स्तर के लोगों को लाभ मिलना चाहिए। 7-8% साक्षरता दर वाले लोगों को उनके कल्याण में सुधार के लिए ऊपर उठाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने समाज के दबे-कुचले वर्गों के उत्थान के लिए प्रयास करने का आदेश दिया है। चिराग पासवान द्वारा इस दृष्टिकोण की आलोचना के जवाब में मांझी ने कहा कि वर्तमान स्थिति में सभी समुदाय समान रूप से शामिल हैं।

(क्रेडिट -मीडिया इनपुट)

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