अध्यात्म। हिन्दू धर्म में हर महीने का अपना एक महत्व हैं और उसका एक अपना माहात्म्य हैं। हिन्दू ग्रंथों के अनुसार अभी सावन का पवित्र माह चल रहा हैं। यह महिना भगवान शिव की अस्तुति के लिए उपयुक्त माना जाता है। वैसे तो इस महीने में भगवान शिव की आराधना किसी भई स्थान से किया जा सकता हैं। लेकिन पुराणों में जिन शिवालयों की जिक्र मिलता है वहां जाकर शिव की अस्तुति करने का अपना एक अलग महत्व माना गया हैं। खासकर Jyotirlinga के दर्शन कर भगवान शिव की पूजा करना।
Jyotirlinga क्या होता हैं ?
हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित पवित्र स्थलों के रूप में ज्योतिर्लिंगों का विशेष महत्व है। ‘ज्योतिर्लिंग’ शब्द का शाब्दिक अर्थ है ‘प्रकाश का लिंग प्रतीक’, जो भगवान शिव के दिव्य प्रकाश का प्रतिनिधित्व करता है। भारत में बारह प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं, जिनमें से प्रत्येक पूज्य शिव से जुड़ा हुआ है। ऐसा माना जाता है कि इन बारह ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर हो सकते हैं और इस जीवन और पिछले जन्मों के पापों से मुक्ति मिल सकती है। ये बारह ज्योतिर्लिंग भारत के पवित्र स्थलों में एक प्रमुख स्थान रखते हैं, जिनमें से प्रत्येक भगवान शिव से संबंधित एक पौराणिक कथा से जुड़ा हुआ है।
प्रमुख ज्योतिर्लिंग कहां है ?
- घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग -महाराष्ट्र
- रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग -तमिलनाडु
- नागेश्वर ज्योतिर्लिंग -गुजरात
- वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग -झारखंड
- त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग -महाराष्ट्र
- काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग -उत्तर प्रदेश
- भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग -महाराष्ट्र
- केदारनाथ ज्योतिर्लिंग-उत्तराखंड
- ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग-मध्य प्रदेश
- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग-मध्य प्रदेश
- मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग- आंध्र प्रदेश
- सोमनाथ ज्योतिर्लिंग -गुजरात
बिहार में कौन सा Jyotirlinga है ?
15 नवंबर 2000 को बिहार पुनर्गठन अधिनियम के तहत झारखंड राज्य का गठन हुआ। इससे पहले झारखंड दक्षिणी बिहार का हिस्सा था। भगवान शिव के 12 Jyotirlinga में एक ज्योतिर्लिंग झारखंड राज्य स्थित है। साल 2000 से पहले जब झारखंड बिहार का हिस्सा था तो वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग बिहार राज्य में अवस्थित था। लेकिन झारखंड के अलग होने से अब ये झारखंड में है। यानि की बिहार कोई प्रमुख ज्योतिर्लिंग नहीं हैं। लेकिन भगवान शिव के मंदिर की संख्या राज्य में कई हैं। जहां भक्त महादेव की आरधान करते हैं।