पटना। बिहार में शिक्षक दिवस के मौके पर वित्त रहित शिक्षकों ने गुरुवार को पटना में जोरदार प्रदर्शन (Teachers protest) किया। बड़ी संख्या में शिक्षक सड़क पर उतरे और उन्होंने जदयू कार्यालय के सामने अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में कटोरा और पोस्टर-बैनर लेकर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा और जदयू ऑफिस के गेट पर जमा हो गए।
Teachers protest : पिछले 10 वर्षों से बकाया है शिक्षकों का वेतन
शिक्षकों ने कहा कि पिछले दस वर्षों से उनका वेतन सरकार के पास पड़ा हुआ है और उन्हें अपने परिवारों के भरण-पोषण के लिए मजबूरन भिक्षाटन की स्थिति में आना पड़ा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो रहा है। एक शिक्षिका ने कहा, हमारा वेतन पिछले सात वर्षों से बकाया है। 2017 से हमें अनुदान का भुगतान नहीं हुआ है। हमारी आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है और हम अपने परिवार का भरण-पोषण करने में असमर्थ हो गए हैं। सरकार से हमें वेतन की मांग है ताकि हम अपने घर-परिवार की जिम्मेदारियों को निभा सकें।
जल्द ही किया जाएगा बकाया राशि का भुगतान : शिक्षा मंत्री
वित्त रहित शिक्षकों ने अपने प्रदर्शन में कहा कि वे लंबे समय से बकाया अनुदान राशि के भुगतान की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, वे रिटायरमेंट से जुड़ी कई अन्य समस्याओं के समाधान की भी मांग कर रहे हैं। हाल ही में शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया था कि एक नियम के तहत इन शिक्षकों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएंगी और बकाया राशि के भुगतान के लिए जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने दो साल की बकाया राशि का भुगतान जल्द करने का निर्णय लिया है।
Teachers protest : पटना की सड़कों पर पोस्टर वार
प्रदर्शनकारियों ने पटना की सड़कों पर कई पोस्टर भी लहराए, जिनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपनी समस्याओं का समाधान करने की अपील की गई। पोस्टरों में लिखा था कि सीएम नीतीश कुमार ही उनके मुद्दों का समाधान कर सकते हैं और वित्त रहित कर्मियों की समस्याओं को केवल वही दूर कर सकते हैं। (Teachers protest)शिक्षक दिवस पर इस बड़े प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों की बढ़ती तादाद को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने सरकार से जल्दी कार्रवाई की उम्मीद जताई है और सरकार से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की है।