पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kuma) की आगामी “महिला संवाद यात्रा” पर विवादित टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि नीतीश इस यात्रा में “नयन सेकने जा रहे हैं.
राजनीतिक नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने लालू यादव की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा, “लालूजी अपने आखिरी दौर में हैं. वह चीजों को समझ नहीं पा रहे हैं और कुछ भी बोल देते हैं. इस तरह की भाषा एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देती. इन लोगों ने बिहार को बदनाम किया है. बिहार को ऐसे लोगों से छुटकारा चाहिए.”
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी Lalu Prasad Yadav के इस बयान को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताया. उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की महिलाओं से संवाद करने जा रहे हैं, और लालू प्रसाद ने जो भाषा का इस्तेमाल किया है, वह बेहद आपत्तिजनक है. हमें पता था कि वह शारीरिक रूप से बीमार हैं, लेकिन अब ऐसा लगता है कि उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है. उन्हें इलाज की जरूरत है.”
क्या है Nitish Kuma की महिला संवाद यात्रा
बिहार सरकार ने “महिला संवाद यात्रा” ( Mahila Samvad Yatra) के लिए ₹225.78 करोड़ का बजट मंजूर किया है. यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास विभाग के तहत आयोजित किया जा रहा है और दिसंबर के मध्य में शुरू होने वाला है. इस यात्रा का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है. इसके तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यभर की महिलाओं से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करेंगे.
यह पहल अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है. इसका उद्देश्य महिलाओं के मुद्दों पर सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करना और नीतीश कुमार की छवि को और बेहतर बनाना है.
इंडिया गठबंधन पर Lalu Prasad Yadav का बयान
एक दूसरे बयान में लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav) यादव ने इंडिया गठबंधन में ममता बनर्जी के नेतृत्व का समर्थन किया. उन्होंने कहा, “कांग्रेस का विरोध कोई मायने नहीं रखता. हम ममता का समर्थन करेंगे. ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन की नेतृत्वकारी भूमिका दी जानी चाहिए.”
बता दें कि ममता बनर्जी ने पहले कहा था, “मैं इंडिया गठबंधन का नेतृत्व नहीं चाहती, लेकिन मुझे विश्वास है कि मैं बंगाल में रहते हुए भी इसे प्रबंधित कर सकती हूं. मैं यहीं पैदा हुई हूं और यहीं अंतिम सांस लूंगी क्योंकि मुझे बंगाल से गहरा लगाव है.”