तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन के निधन की खबर अफवाह है या सच्चाई?

नई दिल्ली। खबर ये निकली की खबर झूठी थी. किसने फैलाई? क्यों फैलाई? मकसद क्या था ? इसके पीछे मत भागिए…क्योंकि इन सभी सवाल का एक ही जवाब है, Breaking News…रात करीब 11 बजे रविवार देर रात विश्वविख्यात तबला वादक और पद्म विभूषण उस्ताद जाकिर हुसैन (Zakir Hussain) का निधन हो गया है. जो की झूठी निकली…सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी निधन संबंधी पोस्ट शेयर की, अब इससे ज्यादा रिलायबल सोर्स क्या हो सकता है? लेकिन जाकिर हुसैन की बहन और भांजे आमिर ने जाकिर के निधन की खबर को गलत बताया था. बाद में PIB ने पोस्ट डिलीट कर लिया. जब परिवार ने सोशल मीडिया, मेन स्ट्रीम मीडिया, खबर को गलत बताते हुए पुष्टी कि की खबर सही नहीं है.

हालांकि सुबह तक यह झूठी खबर सही हो गई. इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस से पीड़ित भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के मशहूर तबला वादक पिछले दो हफ्ते से अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के अस्पताल में भर्ती थे, हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में एडमिट किया गया था जहां वो 73 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए.

जानिए कौन थे, Zakir Hussain ?

उस्ताद जाकिर हुसैन भारतीय संगीत के सबसे महान और प्रतिष्ठित तबला वादकों में से एक हैं. उनकी संगीत यात्रा न केवल भारतीय शास्त्रीय संगीत तक सीमित रही, बल्कि उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर भी पहचान दिलाई.

जन्म और शिक्षा

  • जन्म: 9 मार्च 1951, मुंबई
  • पिता: उस्ताद अल्लाह रक्खा कुरैशी (प्रसिद्ध तबला वादक)
  • माता: बावी बेगम
  • शिक्षा:

प्रारंभिक शिक्षा: सेंट माइकल स्कूल, माहिम, मुंबई

ग्रेजुएशन: सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई

संगीत यात्रा की शुरुआत

  • 11 साल की उम्र में अमेरिका में पहला कॉन्सर्ट किया।
  • 1973 में पहला एल्बम ‘लिविंग इन द मटेरियल वर्ल्ड’ लॉन्च किया।

उपलब्धियां और अवॉर्ड्स

उस्ताद जाकिर हुसैन (Zakir Hussain) को भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित सम्मान और पुरस्कार मिले हैं।

राष्ट्रीय सम्मान:

  • 1988: पद्मश्री
  • 2002: पद्म भूषण
  • 2023: पद्म विभूषण

अन्य भारतीय पुरस्कार:

  • 1990: संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
  • 2006: कालिदास सम्मान (मध्य प्रदेश सरकार)
  • 2019: संगीत नाटक अकादमी रत्न पुरस्कार
  • 2022: मुंबई यूनिवर्सिटी द्वारा “डॉक्टर ऑफ लॉ” की मानद उपाधि

अंतर्राष्ट्रीय सम्मान:

  • 1990: इंडो-अमेरिकन अवॉर्ड
  • 2009: पहला ग्रैमी अवॉर्ड (ग्लोबल ड्रम प्रोजेक्ट)
  • 2024: तीन अलग-अलग एल्बम के लिए तीन ग्रैमी अवॉर्ड

अन्य प्रमुख सम्मान:

  • 2012: गुरु गंगाधर प्रधान लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

Zakir Hussain का प्रमुख एल्बम

उस्ताद जाकिर हुसैन  ने अपने करियर में कई यादगार एल्बम बनाए। उनमें से 10 सबसे प्रसिद्ध एल्बम:

  1. फेस टू फेस (1977): बैंड शक्ति के साथ
  2. मेकिंग म्यूजिक (1987): जेन गार्बरक, जॉन मैक्लॉफ्लिन और हरिप्रसाद चौरसिया के साथ
  3. प्लेनेट ड्रम (1991): मिकी हार्ट के साथ
  4. साउंडस्केप्स: म्यूजिक ऑफ द डेजर्ट (1993): सोलो एल्बम
  5. उस्ताद अमजद अली खान एंड जाकिर हुसैन (1994): उस्ताद अमजद अली खान के साथ
  6. रिमेंबरिंग शक्ति (1995): मैक्लॉफ्लिन, उप्पलपु श्रीनिवास, वी. सेल्वागणेश और शंकर महादेवन के साथ
  7. साज (1998): फिल्म एल्बम
  8. द ट्री ऑफ रिदम (2002): उस्ताद अल्लारक्खा, तौफीक कुरैशी और फजल कुरैशी के साथ
  9. ग्लोबल ड्रम प्रोजेक्ट (2007): मिकी हार्ट और अन्य कलाकारों के साथ
  10. जवी स्पीक (2023): बेला फ्लेक, एडगर मेयर और राकेश चौरसिया के साथ

वैश्विक योगदान

उस्ताद जाकिर हुसैन ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाई दी। उन्होंने विभिन्न संगीत विधाओं और कलाकारों के साथ सहयोग कर संगीत में सांस्कृतिक आदान-प्रदान का नया अध्याय लिखा। जाकिर हुसैन सिर्फ एक तबला वादक नहीं हैं, बल्कि भारतीय संगीत के गौरवशाली इतिहास के प्रमुख स्तंभ हैं। उनकी उपलब्धियां और संगीत समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

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