पटना। बिहार पुलिस द्वारा बुधवार को प्रदर्शन कर रहे बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज करने के बाद राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था, यह गलत है.
परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर कार्यालय का घेराव
ज्ञात हो कि BPSC अभ्यर्थी बुधवार को परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर पटना स्थित आयोग कार्यालय का घेराव करने के लिए एकत्र हुए थे, जहां पुलिस ने अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया.हालांकि पुलिस विभाग के अधिकारियों ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए दावा किया कि उन्होंने “हल्का बल” प्रयोग किया तथा प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की चोट लगने से इनकार किया.
शिक्षकों द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भड़काया जा रहा: DSP
अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि कोचिंग शिक्षक अभ्यर्थियों को विरोध प्रदर्शन के लिए भड़का रहे हैं और उन्होंने कई सोशल मीडिया अकाउंट के नाम भी बताए जो कथित तौर पर छात्रों को गुमराह कर रहे हैं. DSP अनु कुमारी ने कहा कि बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने के लिए अभ्यर्थी 18 दिसंबर से गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इन छात्रों को कुछ शिक्षकों द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से भड़काया जा रहा है. इसके अलावा कई सोशल मीडिया हैंडल छात्रों को गुमराह कर रहे हैं और भड़का रहे हैं.
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल का प्रयोग किया
उन्होंने कहा कि 23 दिसंबर को एक अभ्यर्थी ने गर्दनीबाग अस्पताल में तोड़फोड़ की. आज 25 दिसंबर को सैकड़ों की संख्या में बीपीएससी अभ्यर्थियों ने बीपीएससी कार्यालय को घेर लिया. बिना अनुमति के कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा की गई जिससे लोगों को असुविधा हुई. प्रशासन ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया लेकिन किसी को कोई चोट नहीं आई.