CJI : 24 नवंबर 1960 को अमरावती में जन्में भूषण रामकृष्ण गवई भारत के अगले चीफ जस्टिस होंगे. बुधवार को वर्तमान में मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी.आर. गवई को अपना उत्तराधिकारी बनाने की सिफारिश की है.
52वें CJI के तौर पर 14 मई को शपथ
बता दें कि न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ के 65 वर्ष की आयु में CJI पद से सेवानिवृत्त होने के बाद, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने नवंबर 2024 में मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाला था. उनका कार्यकाल खत्म होने वाला है. मुख्य न्यायाधीश खन्ना 13 मई को पद से रिटायर हो रहे हैं. जिसके बाद जस्टिस बीआर गवई भारत के 52वें CJI के तौर पर 14 मई को शपथ लेंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें पद की शपथ दिलाएंगी.
कौन हैं न्यायमूर्ति बी.आर. गवई
दरअसल परंपरा के अनुसार CJI अपना उत्तराधिकारी नामित करते हुए कानून मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजते है. और इसी के तहत मुख्य न्यायाधीश खन्ना ने न्यायमूर्ति बी.आर. गवई के नाम की सिफारिश की है. इससे पहले मंत्रालय ने पहले उनसे अपने उत्तराधिकारी के नाम का प्रस्ताव मांगा था. बीआर गवई लगभग छह महीने तक भारत के मुख्य न्यायधीश के पद पर रहेंगे, क्योंकि इसके बाद वह भी सेवानिवृत्त होने वाले हैं. बीआर गवई नवंबर में रिटायर हो जाएंगे.
16 मार्च 1985 को बार में शामिल हुए न्यायमूर्ति बी.आर. गवई देश के दूसरे दलित सीजेआई होंगे. उनसे पहले जस्टिस केजी बालाकृष्णन भारत के मुख्य न्यायाधीश बने थे.