Vaibhav Suryavanshi का डेब्यू मैच में कमाल, पहली गेंद पर छक्का जड़ बनाया ये बड़ा रिकॉर्ड

Vaibhav Suryavanshi : भारत जैसे देश में खेल सिर्फ खेल नहीं है , यह राजनीति, समाज, पहचान और असमानता का आईना भी है। खासकर जब बात क्रिकेट की हो, तो किसी खिलाड़ी के प्रतिभा से ज्यादा उसका बैकग्राउंड, नेटवर्क, और क्षेत्रीय पहचान मायने रखता है। सालों से बीसीसीआई जैसी संस्था में कुछ गिने-चुने क्षेत्रों, खासकर मुंबई, दिल्ली, कर्नाटक और तमिलनाडु का दबदबा रहा है जबकि बिहार और झारखंड जैसे दूसरे हिंदी भाषी राज्यों के खिलाड़ी अक्सर हाशिए पर रह जाते हैं। कुछ अपवाद को अगर अनदेखा कर दिया जाय तो, एकाध बड़े नामों के उनके पीछे छुपे हजारों युवाओं की कहानियाँ कभी सुनी नहीं जातीं और अगर गलती से सुन भी लिया जाए तो उनके साथ होने वाला व्यवहार खबरों की सुर्खियां बटोरने का काम आती उससे ज्यादा कुछ नहीं होता.

Vaibhav Suryavanshi का डेब्यू मैच में कमाल

ऐसे में जब कोई वैभव सूर्यवंशी जैसा नाम उभरता है, जो न किसी ग्लैमरस महानगर से आता है, न ही क्रिकेट की तथाकथित मुख्यधारा से तो उसकी सफलता एक सांस्कृतिक प्रतिरोध बन जाती है। Ipl जैसे मंच पर अपने डेब्यू मैच में वैभव ने न केवल अपने खेल से सबको चौंकाया, बल्कि उस सोच को भी चुनौती दी है जो मानती है कि टैलेंट सिर्फ कुछ चुनिंदा जगहों से आता है।

हालांकि हमें यह भी समझना होगा कि क्षेत्रीय पहचान को गर्व से देखना कोई अपराध नहीं है। लेकिन अगर रोहित शर्मा की कामयाबी पर मुंबई खुशी मना सकता है, अगर पंजाब के लोग युवराज की जीत को अपनी मानते हैं, तो हम क्यों न वैभव सूर्यवंशी की उड़ान को बिहार की उड़ान मानें? हो सकता है, कुछ लोग इसे क्षेत्रवाद कहें, लेकिन यह सिर्फ एक अधूरी प्रतिक्रिया होंगी। वैभव के जश्न में शरीक होना वो भावनात्मक प्रतिक्रिया है और उस लंबे समय की पीड़ा है, जब एक पूरे राज्य को क्रिकेट के मानचित्र पर लगभग मिटा दिया गया है। वैभव की कामयाबी यह बताती है कि अब वह वक्त आ गया है जब हर कोना अपनी आवाज़ बनाएगा और वह आवाज़ मैदान के भीतर से बल्ले और गेंद के ज़रिए उठेगी।

लखनऊ के खिलाफ राजस्थान की पारी में आज वैभव ने सिर्फ रन नहीं बनाया, बल्कि वह सिस्टम को चुनौती दे रहा था, और उन लाखों युवाओं को यह विश्वास दिला रहा था कि हाशिए से क्रांति शुरू हो चुकी है। हालांकि मंज़िल पर पहुंचने में अभी लंबा वक्त है… तब तक आप वैभव के जश्न में शामिल हो सकते हैं…

पहली गेंद पर छक्का जड़ने वाले 10वें खिलाड़ी

इससे पहले राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ आईपीएल में अपने डेब्यू मैच में पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर खाता खोला। इस धमाकेदार शुरुआत के साथ वह आईपीएल इतिहास में पहले ही मैच की पहली गेंद पर छक्का लगाने वाले 10वें खिलाड़ी बन गए हैं। भारतीय खिलाड़ियों में भी वह इस खास उपलब्धि को हासिल करने वाले 10वें बल्लेबाज़ हैं।

 

वैभव ने इस मुकाबले में 20 गेंदों पर 34 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 2 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 170 का रहा। उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में 1 करोड़ 10 लाख रुपये में खरीदा था।

पहले विकेट के लिए 85 रनों की साझेदारी

संजू सैमसन की गैरमौजूदगी में वैभव (Vaibhav Suryavanshi) को ओपनिंग का मौका मिला और उन्होंने यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 85 रन की शानदार साझेदारी की। टीम को पहला झटका 9वें ओवर की चौथी गेंद पर लगा, जब वैभव एडन मारक्रम की बाहर जाती गेंद को खेलने के चक्कर में चकमा खा गए और विकेटकीपर ऋषभ पंत ने उन्हें स्टंप कर दिया।

सबसे खास बात यह रही कि वैभव की उम्र महज 14 साल 23 दिन है। इतनी कम उम्र में आईपीएल में डेब्यू कर धमाकेदार प्रदर्शन करना काबिले तारीफ है….

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