Mahendra Singh Dhoni : भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी को सोमवार को लंदन में हुए एक समारोह के दौरान अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) हॉल ऑफ फेम (ICC Hall of Fame) में शामिल किया गया। धोनी को आईसीसी द्वारा 115 खिलाड़ियों की सूची में शामिल सात नए खिलाड़ियों (पांच पुरुष और दो महिला) में जगह दी गई है। वह इस सम्मान को पाने वाले 11वें भारतीय क्रिकेटर (पुरुषों में 9वें) बन गए हैं।
धोनी के साथ इस वर्ष हॉल ऑफ फेम में ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ, हाशिम अमला, न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान और स्टार स्पिनर डेनियल वेटोरी तथा पाकिस्तान महिला टीम की पूर्व कप्तान सना मीर को भी शामिल किया गया।
कैसा रहा Dhoni का क्रिकेट करियर
धोनी ने 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ भारतीय टीम में पदार्पण किया था। हालांकि, उनका डेब्यू मैच यादगार नहीं रहा और वह बिना खाता खोले रनआउट हो गए थे। लेकिन 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ विशाखापट्टनम में उन्होंने 123 गेंदों पर 148 रनों की आतिशी पारी खेलकर अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया। इसी साल जयपुर में श्रीलंका के खिलाफ 183* रन की पारी ने उन्हें स्टार बना दिया। आज भी यह पारी वनडे में विकेटकीपर द्वारा बनाए गए सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर में शुमार है।
धोनी की कप्तानी में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। 2007 में टी20 विश्व कप का खिताब जीतकर धोनी ने भारतीय क्रिकेट को नई राह दिखाई। इसके बाद 2011 में 50 ओवर का विश्व कप और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर उन्होंने खुद को सीमित ओवरों का बेहतरीन कप्तान साबित किया। धोनी की कप्तानी में भारत ने 2009 में पहली बार टेस्ट क्रिकेट में नंबर-1 रैंकिंग हासिल की थी।
- वनडे क्रिकेट: 350 मैच, 10,773 रन, औसत 50.57, 10 शतक और 73 अर्धशतक
- टेस्ट क्रिकेट: 90 मैच, 4,876 रन, औसत 38, 6 शतक
- टी20 क्रिकेट: 98 मैच, 1,617 रन
- कुल शिकार (विकेटकीपर के तौर पर): 829
धोनी ने 2019 विश्व कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और अगस्त 2020 में संन्यास की घोषणा की। उनकी कप्तानी में भारत ने 2014 के टी20 विश्व कप का फाइनल और 2016 का सेमीफाइनल भी खेला।
ICC Hall of Fame : लिस्ट में शामिल दूसरे भारतीय खिलाड़ी
धोनी से पहले भारत के 10 अन्य खिलाड़ियों को यह सम्मान(ICC Hall of Fame) मिल चुका है: कपिल देव (2009), सुनील गावस्कर (2009), बिशन सिंह बेदी (2009), अनिल कुंबले (2015), राहुल द्रविड़ (2018), सचिन तेंदुलकर (2019), वीनू मांकड़ (2021), डायना इडुलजी (2023), वीरेंद्र सहवाग (2023) और नीतू डेविड (2024)।
भारतीय क्रिकेट में Dhoni की विरासत
धोनी (Mahendra Singh Dhoni) ने सिर्फ भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि एक नई सोच और आत्मविश्वास की नींव भी रखी। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, विकेटकीपिंग की फुर्ती और शांतचित्त कप्तानी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का ‘कैप्टन कूल’ बना दिया। पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद में टेस्ट में 148 रन की पारी, इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में 76* रनों की जुझारू पारी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में 224 रन की ऐतिहासिक पारी उनके बहुआयामी योगदान की मिसालें हैं। टेस्ट क्रिकेट को उन्होंने 2014 में अलविदा कहा, लेकिन सीमित ओवरों में उनका प्रभाव 2019 तक बना रहा।
आज धोनी आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल होकर उस विरासत को और भी मजबूत कर गए हैं, जो उन्होंने भारतीय क्रिकेट को सौंपी थी। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत उपलब्धियों की मान्यता है, बल्कि एक प्रेरणा भी है कि कैसे एक छोटे से शहर रांची का लड़का पूरी दुनिया का हीरो बन गया।