Plane Crash Reason : अहमदाबाद में क्यों क्रैश हुआ Boeing 737-8 Dreamliner Air India 171 विमान

Plane Crash Reason : 12 जून 2025… घड़ी में दोपहर के 1:38 बज रहे थे… मौसम साफ था… आसमान बिल्कुल खुला और तापमान करीब 43°C….आम दिनों की तरह ही एक सामान्य गर्म दिन था. अभी तक कुछ भी नया नहीं था…पहले की तरह एयर इंडिया की फ्लाइट बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर 171 अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी. ड्रीमलाइनर 171 में सवार 230 यात्रियों और अपने 10 सहयोगियों के साथ विमान पायलट कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर एक नई यात्रा पर उड़ान भरने को पूरी तरह से तैयार थे…लेकिन हादसे कह कर नहीं होते…और टेकऑफ के केवल 5–9 मिनट के भीतर यह अत्याधुनिक बोइंग 787-8 विमान अहमदाबाद के मेघानीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया…

 

दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले यह विमान केवल 825 फीट की ऊंचाई तक पहुंच सका और उसकी अंतिम दर्ज की गई गति मात्र 174 नॉट्स (करीब 320 किमी/घंटा) थी. ऐसे भारी-भरकम लंबी दूरी के विमान को उस वजन पर उड़ने के लिए कम से कम 200-250 नॉट्स की रफ्तार चाहिए होती है जो नहीं मिला जिसका नतीजा हुआ की विमान अपने साथ 242 लोगों के साथ काले धुएं के साए में समा गया….

अहमदाबाद में हुए इस विमान हादसे को लेकर कई तरह के सवाल किए जाए रहे हैं….लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो कॉन्फ़िगरेशन एरर की वजह से यह हादसा हुआ…कहने को ये छोटी सी गलती 242 यात्रियों के लिए काल बन गई….इस वीडियो में हम आपको बताने जा रहे है कि कैसे टेकऑफ के समय की एक छोटी गलती बड़ा हादसा बन गई

चलिए पहले जानते है टेकऑफ के दौरान क्या हुआ होगा ? घटना को लेकर जो संभावना जताई जा रही है उसमें कॉन्फ़िगरेशन एरर प्रमुख है… कॉन्फ़िगरेशन एरर का मतलब है टेकऑफ के समय विमान की सेटिंग्स में कोई बड़ी चूक—जैसे गलत फ्लैप्स सेटिंग, इंजन थ्रस्ट कम होना या समय से पहले रोटेशन हो जाना ….इसे ऐसे समझे…गलत फ्लैप्स सेटिंग…यानी की यदि फ्लैप्स बहुत कम (Flaps 0) या बहुत ज्यादा (Flaps 20+) लगाए गए हों तो लिफ्ट या गति दोनों पर असर पड़ सकता है और विमान हादसे का शिकार हो सकता है…भारी ईंधन और गर्म मौसम के कारण जरूरत से कम थ्रस्ट देने पर विमान हवा में चढ़ने में असमर्थ रह जाता है ऐसे में कम थ्रस्ट होने का मतलब है विमान हादसे का शिकार हुआ होगा…इसके साथ साथ तय रफ्तार से पहले नोज ऊपर उठाने की कोशिश से विमान अनियंत्रित हो सकता है और जल्दी रोटेशन घटना की वजह हो सकती है…इसके आवाला क्रैश के जो वीडियो सामने आए थे उसमें विमान के गियर नीचे थे जो सामान्य बात नहीं है क्योंकि लैंडिंग गियर ऊपर न करना ड्रैग को बढ़ाता है और ये हादसे की बड़ी वजह होती है…अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में 70–80% संभावना है कि टेकऑफ की प्रक्रिया में गलत सेटिंग के कारण यह हादसा हुआ है…

अब ये समझते है कि आखिर ये हुआ कैसे होगा…क्योंकि जो जानकारी सामने आई है उसके हिसाब से दोनों पायलट काफी अनुभवी है…और लंबी दूरी के कारण विमान को पूरी तरह से चेक भी किया गया होगा…तो क्या है कोई टेक्निकल एरर था या मानवीय चूक जिसके कारण यह हादसा हुआ…कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर दोनों ही अनुभवी पायलट्स थे. इसके बावजूद क्या वो विमान को मैन्युअली हैंडल करने के बजाय ऑटोमेशन पर निर्भर रह गए..या फिर Crew Resource Management में कोई कमी थी …ये भी हो सकता है कि दोनों जल्दबाज़ी में हो या थके हों….

दरअसल होता क्या है कि बोइंग 787 जैसे विमान में पायलट्स FMS (Flight Management System) के आंकड़ों पर निर्भर रहते हैं. यदि उसमें वजन, तापमान, रनवे की लंबाई जैसे आंकड़े गलत डाले जाएं, तो पूरा टेकऑफ प्रोफाइल असंतुलित हो सकता है. इसके साथ साथ गर्म मौसम, लंबी उड़ान और उड़ान के निर्धारित समय का दबाव इन सभी वजहों से सतर्कता में कमी आ सकती है.और अगर को-पायलट ने कैप्टन की गलती को समय रहते नहीं रोका या कोई संवाद में खामी रह गई तो गंभीर चूक हो सकती है. जैसा संभावना अहमदाबाद में हुए इस विमान हादसे को लेकर जताई जा रही है….

मौसम का प्रभाव भी एक कारण हो सकता है …अहमदाबाद में घटना के समय तापमान 43°C था. यह कोई असामान्य स्थिति नहीं लेकिन यह परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है क्योंकि इस दौरान हवा पतली हो जाती है जिससे इंजन की ताकत और लिफ्ट दोनों पर असर पड़ता है इसके अलावा गर्म मौसम में टेकऑफ के लिए अधिक रनवे और सटीक सेटिंग्स की जरूरत होती है. लेकिन इस कारण से हादसा हो इसकी संभावना कम है…गर्मी ने हालात को और मुश्किल जरूर बनाया, लेकिन यह अकेला कारण नहीं हो सकता. इस कारण से हादसे की वजह 5–10% से है…

हादसे को लेकर एक दावा यह भी है कि घटना इंजन फेल्योर या बर्ड स्ट्राइक के कारण हुआ हो….कुछ रिपोर्ट्स और MAYDAY कॉल के आधार पर यह संभावना उठी कि शायद इंजन ने पूरी ताकत नहीं दी. लेकिन दोनों इंजनों का एक साथ फेल होना बेहद दुर्लभ होता है. ऐसा 10 लाख में एक बार ही होता है…GE GEnx इंजन भरोसेमंद माने जाते हैं और पहले कोई गंभीर फेल्योर रिपोर्ट नहीं हुआ था और बर्ड स्ट्राइक की संभावना अहमदाबाद में हमेशा रहती है, लेकिन पुष्टि नहीं हुई है…इस वजह से हादसे की संभावना 10–15% है…इंजन में कमी हो सकती है, पर टेकऑफ की कॉन्फ़िगरेशन एरर फिर भी ज़्यादा संभावित वजह है.

टेकऑफ इंटरसेक्शन भी हादसे की वजह हो सकती है…अगर विमान ने रनवे के पूरे 3,600 मीटर की बजाय इंटरसेक्शन से टेकऑफ किया हो तो उसके पास स्पीड और लिफ्ट हासिल करने के लिए कम दूरी रही होगी. इस स्थिति में सबसे छोटी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है. क्रैश के फुटेज में यह साफ दिखता है कि विमान का लैंडिंग गियर (पहिए) टेकऑफ के बाद भी नीचे था. इसके कारण विमान की रफ्तार और चढ़ाई क्षमता दोनों पर असर पड़ा…यह संभव है कि पायलट्स किसी इमरजेंसी की वजह से जानबूझकर गियर नीचे ही रखना चाह रहे हों, ताकि रनवे पर लौट सकें. परंतु यदि यह गलती से हुआ तो यह गंभीर क्रू कोऑर्डिनेशन विफलता दर्शाता है.

एक एंगल ये भी हो सकता है कि कोई साजिश, आतंकी हमला या रनवे पर अवरोध हादसे की वजह हो लेकिन साजिश या आतंकी हमले के कोई संकेत नहीं मिला है और रनवे पर किसी दूसरी घटना की संभावना भी लगभग नगण्य थी क्योंकि विमान हवा में था. मतलब की कोई बाहरी कारण हादसे की वजह हो इसकी संभावना कम है….

अब इस मामले में DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय), एयर इंडिया और बोइंग तीनों मिलकर ब्लैक बॉक्स (FDR और CVR) की जांच करेंगे. इसमें यह साफ होगा..टेकऑफ से पहले क्या-क्या सेट किया गया था? पायलट्स के बीच क्या बातचीत हुई? इंजन और अन्य सिस्टम्स की परफॉर्मेंस कैसी थी? अब सबकी नजरें अंतिम रिपोर्ट पर होंगी, जो यह साफ करेगी कि अनुभव और टेक्नोलॉजी के बावजूद यह त्रासदी क्यों और कैसे हुई.

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