Iran-Israel war : मध्य पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध के बीच अब अमेरिका की एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार देर रात तीखे तेवर दिखाते हुए ईरान को बिना शर्त समर्पण” की चेतावनी दे दी है। साथ ही यह दावा भी किया कि ईरान के आसमान पर अब अमेरिका का फुल कंट्रोल है। ट्रंप का ये बयान न सिर्फ इस जंग में अमेरिका की संभावित सक्रियता का संकेत है, बल्कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई को लेकर की गई टिप्पणियां इस युद्ध को और उग्र बना सकती हैं।
Iran-Israel war : ट्रंप ने क्या कहा ?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ’ पर एक के बाद एक तीन पोस्ट किए, इसमें ट्रंप ने लिखा कि ईरान बिना शर्त सरेंडर करे। हमें पता है कि ‘सो कॉल्ड सुप्रीम लीडर’ कहां छिपे हैं। हम उन्हें नहीं मारेंगे, अभी नहीं। लेकिन अमेरिकी सैनिकों या नागरिकों पर हमला किया गया तो परिणाम गंभीर होंगे। इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी दावा किया कि “अब ईरान का आसमान पूरी तरह अमेरिका के नियंत्रण में है। ट्रंप ने यह साफ कहा कि खामेनेई अमेरिका के लिए “आसान टारगेट” हैं और वे जानते हैं कि वह कहां छुपे हैं। लेकिन उन्होंने साथ में यह भी जोड़ा कि हम अभी खामेनेई को नहीं मारना चाहते। लेकिन अगर अमेरिकी नागरिकों पर हमला हुआ तो कोई रियायत नहीं मिलेगी। यह बयान न सिर्फ खामेनेई के खिलाफ चेतावनी है, बल्कि यह भी संकेत है कि अमेरिका युद्ध के दायरे को कितना बड़ा कर सकता है।
ईरान ने किया जंग का ऐलान
इन बयानों से कुछ ही घंटे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सोशल मीडिया पर जंग का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि यहूदी शासन पर कोई दया नहीं की जाएगी। जंग शुरू होती है। आतंकी शासन को कड़ा जवाब दिया जाएगा। खामेनेई के ऐलान के बाद ईरान ने इजरायल पर 25 मिसाइलें दागी हैं। यह इस बात का संकेत है कि युद्ध सिर्फ लफ्ज़ों की लड़ाई नहीं, बल्कि मिसाइलों की जंग में बदल चुका है।
Iran-Israel war : व्हाइट हाउस में हाईलेवल बैठक
कनाडा दौरे से लौटते ही ट्रंप ने व्हाइट हाउस में नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ बैठक की। करीब 80 मिनट चली इस मीटिंग में तय किया गया कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी फाइटर जेट्स की तैनाती बढ़ेगी।ईरान के फोर्डो न्यूक्लियर सेंटर पर हमला हो सकता है। अमेरिकी मीडिया का दावा है कि ट्रंप किसी भी समय सैन्य कार्रवाई का आदेश दे सकते हैं।
क्या वाकई युद्ध में कूदेगा अमेरिका?
ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध (Iran-Israel war ) अब त्रिकोणीय मोड़ लेता दिख रहा है, जहां अमेरिका सीधे हस्तक्षेप करने की कगार पर है। ट्रंप की भाषा और तेवर यह दिखा रहे हैं कि यदि ईरान पीछे नहीं हटा, तो अमेरिका के सैन्य ऑपरेशन की शुरुआत कभी भी हो सकती है।