Rahul Gandhi : संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव अपने चरम पर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि डोनाल्ड ट्रंप के दावे झूठे हैं, तो प्रधानमंत्री संसद में आकर साफ-साफ कहें—“ट्रंप झूठे हैं।”
ट्रंप का दावा और राहुल गांधी की चुनौती
राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब तक 29 बार यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया। गांधी ने तंज कसा कि अगर यह सच नहीं है, तो प्रधानमंत्री मोदी को संसद में इसका स्पष्ट खंडन करना चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर को राजनीतिक रूप से सीमित कर दिया। उनके मुताबिक, कार्रवाई की शुरुआत 1:05 बजे रात को हुई और 1:35 बजे ही पाकिस्तान को संदेश भेज दिया गया कि हम गैर-सैन्य ठिकानों पर हमला कर रहे हैं और escalation (बढ़ाव) नहीं चाहते। राहुल ने कहा कि यह कदम दिखाता है कि सरकार ने शुरुआत से ही पायलटों के हाथ बांध दिए।
पायलटों के अधिकारों पर सवाल
कांग्रेस नेता ने गंभीर आरोप लगाया कि भारतीय वायुसेना (IAF) को एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला करने की अनुमति नहीं दी गई। उनका कहना था कि सरकार ने पायलटों की कार्रवाई की क्षमता सीमित कर दी, जिससे पूरे ऑपरेशन का असर कमजोर हो गया।
1971 की तुलना… इंदिरा गांधी बनाम मोदी
राहुल गांधी ने 1971 के बांग्लादेश युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेना को पूरी आज़ादी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर मोदी में वैसी ही राजनीतिक इच्छाशक्ति होती, तो वे ट्रंप के दावों को संसद में खुलकर झूठ बताते।
विपक्ष का आरोप– “सिर्फ इमेज बचाने की कवायद”
गांधी ने कहा कि पूरा ऑपरेशन सिर्फ प्रधानमंत्री की छवि बचाने के लिए किया गया, न कि वास्तविक रणनीतिक उद्देश्य से। उन्होंने सवाल किया कि जब देश की सुरक्षा दांव पर थी, तो सरकार ने ऐसा आधा-अधूरा कदम क्यों उठाया। राहुल गांधी की चुनौती ने संसद में बहस का माहौल और भी गर्म कर दिया है। अब सबकी नजर इस पर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्रंप के दावों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और सरकार इन गंभीर सवालों का कैसे जवाब देती है।