उत्तरकाशी के धराली जिले प्रकृति का तांडव,जानें बादल क्या होते हैं और ये कैसे फटते हैं ?  

Uttarkashi cloudburst : मंगलवार, 1.45 बजे के आस-पास उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने के कारण भारी तबाही मच गई। इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। प्रशासन का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। SDRF, NDRF, ITBP और सेना की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया है।

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खीर गंगा नदी में पहाड़ों से बहकर आए मलबे के कारण धराली के बाजार, मकान और होटल बह गए। सिर्फ 34 सेकेंड में यह सब बर्बाद हो गया। इस घटना से हर्षिल और सुक्की जैसे आसपास के इलाके भी प्रभावित हुए हैं, जहां बादल फटने की खबरें आई हैं। हर्षिल में बादल फटने से सेना के 8 से 10 जवान भी लापता हो गए हैं।

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बादल क्या होते हैं?

बादल आसमान में तैरते हुए पानी के छोटे-छोटे कण या बर्फ के क्रिस्टल होते हैं। यह तब बनते हैं जब वायुमंडल में गर्म पानी की वाष्प ठंडी हवाओं के संपर्क में आकर घनी हो जाती है। यह प्रक्रिया बादल बनने की शुरुआत होती है।

क्यों फटता है बादल

बादल फटना एक प्राकृतिक घटना है,जो आमतौर पर बहुत तेज और बहुत भारी बारिश से जुड़ी होती है। दरअसल इसमें बादल फटने जैसा कुछ नहीं होता। इसका मतलब यह है कि एक छोटे इलाके में बहुत कम समय में इतनी ज्यादा बारिश हो जाती है कि ऐसा लगता है जैसे आकाश में कोई बड़ा बैग फट गया हो और उसमें से सारा पानी गिर पड़ा हो। इसे अंग्रेजी में Cloudburst कहा जाता है।

मौसम विभाग के अनुसार,जब किसी क्षेत्र में 20 से 30 वर्ग किलोमीटर के इलाके में एक घंटे या उससे कम समय में 100 मिमी (मिलीमीटर) या उससे ज्यादा बारिश हो जाती है, तो इसे बादल फटना कहते हैं।

बादल फटने की घटना क्यों होती है?

बादल फटने जैसी घटनाएं आमतौर पर उन इलाकों में होती हैं, जहां पहाड़ और घाटियां होती हैं, जैसे अमरनाथ और केदारनाथ। यहाँ बारिश का पानी सिरे से नीचे की तरफ तेजी से गिरता है और नदियाँ अचानक उफान पर आ जाती हैं। इसके कारण भूस्खलन और बाढ़ जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

उत्तरकाशी जैसी पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं का कारण मौसम में अचानक बदलाव, तेज हवा, और अव्यवस्थित बादल बनना हो सकता है। इन क्षेत्रों में बारिश तेज और घनी होती है, जिससे नदियाँ और नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।

क्या बादल फटना और भी खतरनाक हो सकता है?

इस तरह की घटनाओं में न केवल जन-धन का नुकसान होता है, बल्कि जान-माल की भी भारी क्षति होती है। जैसे उत्तरकाशी में देखा गया, जहां अचानक आए मलबे ने कई घरों को बहा लिया और कई लोगों की जान चली गई। ऐसे हादसे ना केवल प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए,बल्कि आपातकालीन सेवाओं और प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती होते हैं।

इसका उदाहरण हमें इस वीडियो में मिलता है,जो वंडर ऑफ साइंस ट्विटर हैंडल द्वारा साझा किया गया था। यह वीडियो ऑस्ट्रिया के लेक मिल्स्टैट का है, जिसमें बादल फटने के बाद की तबाही को कैमरे में कैद किया गया है।

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