उल्टा पड़ा तेजस्वी यादव का ये दांव…मुश्किल में आ सकती है उम्मीदवारी ! वोटर कार्ड के लिए क्या कहना है भारत का कानून?

Tejashwi Yadav EPIC number controversy : बिहार में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष मतदान सूची सुधार अभियान (SIR) के बीच, एक बड़ा सियासी विवाद सामने आया है। यह विवाद प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, तेजस्वी यादव के दो वोटर कार्ड से जुड़ा है। चुनाव आयोग ने हाल ही में तेजस्वी यादव से दो वोटर कार्ड होने के मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। आइए जानते हैं इस विवाद के बारे में विस्तार से और क्या कहते हैं कानून और चुनाव आयोग के नियम।

क्या है पूरा मामला?

तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रकाशित वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में उनका नाम गायब है। उन्होंने यह दावा किया था कि उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में EPIC नंबर RAB2916120 वाले वोटर कार्ड से मतदान किया था, लेकिन अब इस वोटर कार्ड का नाम वोटर लिस्ट से गायब हो गया है। इसके बजाय,चुनाव आयोग की लिस्ट में उनका नाम EPIC नंबर RAB0456228 के साथ दर्ज है। इस पर चुनाव आयोग ने उन्हें एक चिट्ठी भेजकर दूसरे वोटर कार्ड की डिटेल मांगी है और उनके दावे को निराधार बताया है।

चुनाव आयोग ने तेजस्वी से यह जानकारी मांगी है कि उनके पास दो वोटर कार्ड क्यों हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि EPIC नंबर RAB2916120 पिछले दस साल के रिकॉर्ड में नहीं मिला, जिससे आयोग को शक है कि यह वोटर कार्ड या तो गलत तरीके से जारी किया गया हो सकता है या फिर फर्जी हो सकता है। तेजस्वी यादव पर आरोप है कि उनके पास दो वोटर कार्ड होने से चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी हो सकती है, क्योंकि एक व्यक्ति का नाम केवल एक वोटर लिस्ट में दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही, आयोग ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास दो वोटर कार्ड हैं, तो यह एक गंभीर चुनावी अपराध हो सकता है।

 क्या है कहता है भारत का कानून

भारत में चुनावी नियमों के तहत, किसी व्यक्ति का नाम केवल एक विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में ही दर्ज हो सकता है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 17 और 18 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति दो अलग-अलग वोटर पहचान पत्र (EPIC नंबर) रखता है, तो यह गैरकानूनी है और इसे चुनावी धोखाधड़ी माना जाता है।

चुनाव आयोग के नियमों के तहत, अगर कोई व्यक्ति वोटर लिस्ट में गलत जानकारी देता है या फर्जी दस्तावेज पेश करता है, तो यह अपराध माना जाता है। ऐसे में, तेजस्वी के पास दो वोटर कार्ड होने की स्थिति में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें जुर्माना, जेल या दोनों शामिल हो सकते हैं।

तेजस्वी को क्या करना होगा?

तेजस्वी यादव के पास अब दो रास्ते हैं

  • गलती का बचाव: अगर वे यह साबित कर पाते हैं कि दूसरा EPIC नंबर RAB2916120 किसी तकनीकी गड़बड़ी या किसी अन्य गलती के कारण था, तो वे कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं।
  • फर्जीवाड़े का पर्दाफाश: अगर चुनाव आयोग यह साबित कर पाए कि दूसरा वोटर कार्ड फर्जी तरीके से जारी हुआ था, तो यह तेजस्वी के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ऐसे में, उनके वोटिंग अधिकार को सस्पेंड किया जा सकता है और उनकी उम्मीदवारी भी रद्द हो सकती है।

क्या हो सकता है आगे?

चुनाव आयोग ने इस मामले में तेजस्वी को नोटिस जारी कर दिया है, जिसमें उनसे दो वोटर आईडी कार्ड रखने की स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। आयोग का कहना है कि अगर यह साबित होता है कि तेजस्वी ने जानबूझकर दो वोटर कार्ड बनाए, तो यह चुनावी अपराध माना जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा, अगर उनके वोटर आईडी कार्ड में कोई धोखाधड़ी पाई जाती है, तो उनके चुनाव लड़ने की योग्यता पर भी सवाल खड़ा हो सकता है।

क्या करते हैं आम नागरिक?

अगर किसी आम नागरिक के पास गलती से दो वोटर कार्ड हैं, तो उसे चुनाव आयोग से संपर्क करना चाहिए। ऐसे व्यक्ति को नजदीकी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क करके अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इसके लिए फॉर्म 7 (मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए) भरकर एक वोटर कार्ड को हटाने की अपील की जा सकती है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से की जा सकती है।

तेजस्वी यादव के पास दो वोटर कार्ड होने का मामला अब चुनावी राजनीति में नया मोड़ ले चुका है। जहां एक तरफ उनका आरोप है कि उनका नाम वोटर लिस्ट से गायब कर दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग और विपक्षी दल इस मामले में गहरी जांच की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग की जांच तेजस्वी के खिलाफ किस दिशा में आगे बढ़ती है, और क्या उनका वोटिंग अधिकार प्रभावित होता है या नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *