Bihar election : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने बुधवार को कई अहम घोषणाएँ कीं। कैबिनेट की बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें राजनीतिक पेंशन, सरकारी कर्मचारियों का मानदेय, औद्योगिक विकास, बुनियादी ढाँचे और भूमि अधिग्रहण से जुड़े कई बड़े फैसले शामिल हैं।
जेपी सेनानियों की पेंशन दोगुनी
सरकार ने समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में हिस्सा लेने और आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले राजनीतिक कार्यकर्ताओं (जेपी सेनानियों) की पेंशन राशि को दोगुना करने का ऐलान किया है।
- छह माह से अधिक जेल में रहने वाले सेनानी – पेंशन ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह।
- छह माह से कम जेल में रहने वाले सेनानी – पेंशन ₹7,500 से बढ़ाकर ₹15,000 प्रति माह।
यह फैसला अक्टूबर-नवंबर 2025 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले लिया गया है। खुद नीतीश कुमार भी 1974 के ‘जेपी आंदोलन’ के प्रमुख नेताओं में शामिल थे, लेकिन उन्होंने कभी इस पेंशन के लिए आवेदन नहीं किया। इस योजना की शुरुआत 2009 में हुई थी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव भी इसके लाभार्थियों में शामिल हैं।
बीएलओ और सुपरवाइजर का पारिश्रमिक बढ़ा
बैठक में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) का मासिक पारिश्रमिक ₹10,000 से बढ़ाकर ₹14,000 और बीएलओ सुपरवाइजर का ₹15,000 से बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया गया।
इसके लिए राज्य सरकार ने 90,712 बीएलओ और 8,245 सुपरवाइजर को भुगतान हेतु ₹38.75 करोड़ की स्वीकृति दी।
औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के लिए बड़े फैसले
- पाँच नए औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाएंगे।
- बेगूसराय: 991 एकड़ भूमि अधिग्रहण हेतु ₹351.56 करोड़ की स्वीकृति।
- पटना (बख्तियारपुर): 500 एकड़ भूमि अधिग्रहण हेतु ₹219.34 करोड़।
- अमृतसर-कोलकाता आधुनिक कॉरिडोर: 1,300 एकड़ भूमि हेतु ₹416 करोड़।
- मधेपुरा: 548.87 एकड़ के लिए ₹41.26 करोड़।
- सिवान: 167.34 एकड़ के लिए ₹113.92 करोड़।
- सहरसा: 420 एकड़ के लिए ₹88.11 करोड़।
हवाई अड्डा परियोजनाएँ
- वीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर, सहरसा और भागलपुर में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डा के सर्वे हेतु ₹2.90 करोड़।
- गया एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 18.24 एकड़ भूमि अधिग्रहण पर ₹137.17 करोड़ की स्वीकृति।
पटना और अन्य क्षेत्रों के लिए सड़क व पुल परियोजनाएँ
- पटना में मीठापुर फ्लाईओवर से चिरैयाटाड़ फ्लाईओवर को जोड़ने हेतु ₹292.74 करोड़।
- पुनपुन नदी पर सस्पेंशन पुल व बचाव कार्य हेतु ₹82.99 करोड़।
शिक्षा, कृषि और अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़े फैसले
- बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में विकास कार्य हेतु ₹258.60 करोड़।
- अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रखंड कार्यालयों में 459 लिपिक पदों का सृजन।
- जीविका को अतिरिक्त मानदेय भुगतान हेतु ₹347.51 करोड़।
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा
गारू, गया में मां प्रभावती टेक्सटाइल मिल्स को 600 MTPA क्षमता की इकाई स्थापित करने हेतु ₹35.14 करोड़ के निजी निवेश पर वित्तीय प्रोत्साहन। इससे 237 लोगों को रोजगार मिलेगा।
वाहन नीति में बदलाव
भारत स्टेज-2 मानक के मध्यम और भारी मालवाहक/यात्री वाहनों को स्क्रैप कराने पर नए वाहन के पंजीकरण कर में 50% की छूट।
जन सुविधाओं में सुधार
सभी जिला अधिकारी कार्यालयों में प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय और दीदी की रसोई की सुविधा विकसित करने का निर्णय। इन फैसलों के साथ, नीतीश सरकार ने चुनावी साल में ग्रामीण, शहरी, औद्योगिक और सामाजिक वर्गों को साधने का प्रयास किया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पेंशन वृद्धि और औद्योगिक निवेश जैसे कदम सीधे तौर पर मतदाताओं के बड़े हिस्से को प्रभावित करेंगे, जबकि बीएलओ और सरकारी कर्मचारियों के लिए मानदेय वृद्धि प्रशासनिक तंत्र को भी संदेश देती है कि सरकार चुनाव से पहले सभी मोर्चों पर सक्रिय है।