हंगामे में शुरू, हंगामे पर खत्म… जानें संसद के मॉनसून सत्र 2025 में क्या कुछ हुआ ?

Parliament Monsoon Session : 21 जुलाई को शुरू हुए संसद का मानसून सत्र 21 अगस्त को खत्म हो गया. इस सत्र के दौरान सदन की कार्रवाई से आधिक पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव, हंगामा और राजनीतिक खींचतान ने मीडिया की सुर्खीयों में रही। पूरे महीने चले इस सत्र में एक तरफ जहां कई अहम विधेयक पारित हुए, वहीं कई मुद्दों को लेकर विवादास्पद बहसें, विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का अप्रत्याशित इस्तीफा इसकी सबसे बड़ी सुर्खियां बन गईं। हालांकि कामकाज के हिसाब से देखें तो सत्र की उत्पादकता बेहद कम रही। लगातार शोर-शराबे और विपक्षी विरोध ने संसद की कार्यवाही को बार-बार ठप किया जिसका नतीजा हुआ कि लोकसभा में केवल 31% और राज्यसभा में 33% कामकाज हो सका।

मानसून सत्र 2025 में कौन से अहम विधेयक पारित हुआ

खेल, अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और कर सुधारों से जुड़े प्रस्ताव सहित मानसून सत्र 2025 के दौरान लोकसभा से 12 और राज्यसभा से लगभग 15 विधेयक पारित हुए। इनमें प्रमुख विधेयक इस प्रकार हैं

  • द प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 — ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध और ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा।
  • नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, 2025 — बीसीसीआई जैसे राष्ट्रीय खेल निकायों पर विनियमन।
  • नेशनल एंटी-डोपिंग (अमेंडमेंट) बिल, 2025 — डोपिंग नियमों में संशोधन।
  • इनकम टैक्स (नंबर 2) बिल, 2025 और टैक्सेशन लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 — आयकर और कर कानूनों में बदलाव।
  • इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (अमेंडमेंट) बिल, 2025 — दिवालिया कानून में संशोधन।
  • इंडियन पोर्ट्स बिल, 2025 और बिल्स ऑफ लेडिंग बिल, 2025 — बंदरगाह प्रबंधन और माल ढुलाई दस्तावेज़।
  • जन विश्वास (अमेंडमेंट ऑफ प्रोविज़ंस) बिल, 2025 — विभिन्न प्रावधानों में संशोधन।
  • मणिपुर अप्रोप्रिएशन (नंबर 2) बिल, 2025 — मणिपुर के लिए वित्तीय आवंटन।

इसके अलावा सरकार ने तीन विवादास्पद विधेयक भी पेश किए, जिनमें प्रावधान था कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को गंभीर अपराधों में 30 दिनों तक गिरफ्तारी की स्थिति में पद से हटाया जा सकेगा। ये विधेयक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजे गए।

प्रमुख बहसें और टकराव

ऑपरेशन सिंदूर पर बहस: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस सैन्य अभियान से सेना की स्वतंत्रता प्रभावित हुई। जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर पाकिस्तान पर ज्यादा भरोसा करने का आरोप लगाया।

बिहार एसआईआर विवाद: विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को “वोट चोरी” करार दिया और दावा किया कि लाखों नाम हटाए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर कई बार सदन स्थगित हुआ।

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा जांच: उनके आवास से भारी नकदी मिलने के बाद सदन में दुर्लभ सहमति बनी और जांच समिति गठित की गई।

विपक्ष का विरोध और प्रदर्शन

सत्र के दौरान विपक्ष ने लगातार सरकार पर दबाव बनाए रखा। पूरे सत्र के दौरान INDIA ब्लॉक ने संसद भवन परिसर में वोट चोरी के बैनरों के साथ प्रदर्शन किया। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे वरिष्ठ नेता इसमें शामिल हुए। इसके साथ साथ पाहलगाम आतंकी हमले और अन्य मुद्दों पर भी सदन में हंगामा हुआ, जिससे कार्यवाही बाधित रही। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्र के समापन पर विपक्ष पर योजनाबद्ध हंगामे का आरोप लगाया। उन्होंने चेताया कि संसद की परंपराओं और लोकतांत्रिक बहस की गरिमा लगातार क्षतिग्रस्त हो रही है। वहीं विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार विधायी कार्य का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय सुधार और खेल शासन पर रहा, लेकिन विपक्षी हंगामे के कारण व्यापक बहस नहीं हो पाई।

उपराष्ट्रपति का इस्तीफा और विपक्षी एकजुटता का प्रदर्शन

सत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम रहा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में अटकलें रहीं कि यह सरकार से मतभेद का नतीजा है। इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। एनडीए और INDIA ब्लॉक दोनों ने दक्षिण भारत से अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया। संसद का मानसून सत्र 2025 राजनीतिक टकराव, हंगामे और विपक्षी एकजुटता का गवाह बना। हालांकि सरकार कई अहम विधेयक पारित कराने में सफल रही, वहीं विपक्ष ने वोट चोरी और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। सत्र ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले महीनों में राजनीति का केंद्रबिंदु न सिर्फ चुनाव सुधार और राष्ट्रीय सुरक्षा होगा.

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