भारत के 17 वें उपराष्ट्रपति बने सी पी राधा कृष्णन, विपक्षी नेताओं को अपने उम्मीदवार पर भी नहीं हुआ भरोसा

Vice-president Election: भारतीय संसद में हुए उपराष्ट्रपति चुनाव का परिणाम आ चुका है. एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशी सुदर्शन रेड्डी को हराकर बड़ी जीत दर्ज की. इस चुनाव में कुल 782 सांसदों को मतदान का अधिकार था, जिनमें से 767 ने वोट डाले. इनमें 15 वोट अमान्य पाए गए. जीत के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी, जबकि राधाकृष्णन ने आसानी से यह आंकड़ा पार करते हुए 452 वोट हासिल किए वहीं, विपक्षी प्रत्याशी सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले.

क्रॉस वोटिंग बनी निर्णायक

एनडीए के पास पहले से ही लगभग 427 सांसदों का समर्थन था. इसमें वाईएसआर कांग्रेस के 11 सांसदों के समर्थन से यह संख्या बढ़कर 438 हो गई. इसके अलावा विपक्षी दलों के 14 सांसदों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग ने राधाकृष्णन की जीत को और भी प्रचंड बना दिया. भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि विपक्षी खेमे से मिले यह 14 वोट इस जीत में बड़ा फैक्टर साबित हुए.

विपक्ष की चुनौती…

विपक्ष ने एकजुटता का संदेश देने के लिए बी.सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन संख्याबल में कमी और क्रॉस वोटिंग ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

अमान्य वोटों पर उठे सवाल

इस चुनाव में कुल 15 वोट अमान्य घोषित हुए, जो कि कुल मतदान का लगभग 2% हिस्सा है. सलाहकारो का मानना है कि यह या तो सांसदों की वोटिंग प्रक्रिया में लापरवाही है या जानबूझकर इनवेलिड वोट डालने की रणनीति.  सलाहकारो का सुझाव है कि भविष्य में सांसदों को मतदान प्रक्रिया पर विशेष ट्रेनिंग दी जानी चाहिए, ताकि अमान्य वोटों की संख्या कम हो.

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