Patna, Bihar: बिहार में जल्द ही बिहार विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, और इस बीच बिहार की राजनीति में एक हलचल हो गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 15 बड़े फैसलों का ऐलान किया हैं. इन ऐलानों का सीधा असर महिलाओं, युवाओं , दिव्यांगजनों, पत्रकारों और गरीब लोगों पे पड़ेगा.
एक तरफ रोजगार और आरक्षण पर जोर दिया गया है तो वहीं दूसरी ओर मनोदय बढ़ाकर विभिन्न वर्गो को रहात दी गई है.सरकार का दावा है कि इन फैसलों से हर तबके को फायदा होगा, खासकर उनलोगों को जो लंबे समय से आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं . मंगलवार को राज्य कैबिनेट बैठक में ये फैसले लिए गए,तो आइए जानते है इन 15 बड़े फैसलों को विस्तार से
1.आशा और ममता कार्यकर्ताओं का मनोदय बढ़ा
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने आशा और ममता कार्यकर्ताओं के मनोदय में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. प्रदेश में आप आशा कार्यकर्ताओं को ₹1000 के बजाय ₹3000 प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. वही ममता कार्यकर्ताओं को हर प्रसव के ₹600 मानदेय मिलेगा. नीतीश कुमार ने ऐलान करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में आशा और ममता कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अहम योगदान को सम्मान देते हुए उनके मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है.
2. 8 हजार से अधिक पंचायतों में बनेगा मैरिज हॉल
मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत सभी पंचायत में विवाह भवन बनाने की घोषणा की है. इसके लिए 40,265 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. विवाह भावनाओं का संचालन जीविका दीदी द्वारा किया जाएगा. जिससे गरीब परिवारों को विवाह कार्यक्रम में सुविधा और महिलाओं को रोजगार मिलेगा. नीतीश कुमार ने X पर लिखा मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवार की बेटियों के विवाह के कार्यक्रम में सुविधा के लिए सभी पंचायतों में विवाह भवन का निर्माण कराएगी.
3. दीदी की रसोई में ₹40 की जगह ₹20 की थाली
बिहार में दीदी की रसोई में 40 रुपये की जगह अब 20 रुपये में भोजन की थाली मिलेगी. सीएम नीतीश कुमार ने X पर पोस्ट करते हुए कहा- बिहार के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों तथा विभिन्न सरकारी संस्थानों में जीविका द्वारा संपोषित दीदी की रसोई द्वारा संचालित कैंटीन के माध्यम से 40 रुपये प्रति थाली भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था. अब हमलोगों ने 40 रुपये के स्थान पर 20 रुपये प्रति थाली की दर से गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है.
4.दिव्यांगों के लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना
दिव्यांगों को भी सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलेगा, अब तक बीपीएससी और यूपीएससी की तैयारी करने वाली महिला अभ्यर्थियों को ही इस योजना का लाभ दिया जाता था. इसके तहत प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले सामान्य वर्ग और आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग की महिला अभ्यर्थियों को एक लाख रुपए दिए जाते हैं. समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी ने कहा कि दिव्यांगों को भी सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना से जोड़ा जाएगा. इसकी तैयारी की जा रही है. कैबिनेट से पास करा कर दिव्यांगों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा.
5.पत्रकारों की पेंशन बढ़कर 15,000 रुपए
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह जानकारी पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट को देते हुए कहा कि अब सम्मान पत्रकार पेंशन योजना को बढ़ा दिया गया है. सभी पात्र पत्रकारों को हर महीने ₹6000 की जगह ₹15000 पेंशन की राशि प्रदान करने का विभाग ने निर्देश दिया है. इससे पहले सरकार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन सेवा को 400 से बड़ा करके ₹1100 किया था.
6. 125 यूनिट तक बिजली फ्री
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनावी साल में राज्य की बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है देते हुए 125 यूनिट तक बिजली मुक्त करने की घोषणा की है जुलाई 2025 से लागू इस योजना के तहत बिहार सरकार ने उपभोक्ताओं के खातों में जुलाई की राशि जमा करनी शुरू कर दी है. पहले ही बिजली पर सब्सिडी देकर उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध करा रही हैं. चुनावी साल में शुरू की गई यह मुफ्त बिजली योजना और जनसंवाद कार्यक्रम को नीतीश सरकार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. बिजली बिल पर मुख्यमंत्री की तस्वीर और बड़े पैमाने पर आयोजित संवाद कार्यक्रम से सरकार जनता के बीच अपनी उपलब्धियां को प्रचारित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही.
7. 5 साल में 1 करोड़ नौकरियों का वादा
पूर्णिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हमारी सरकार अगले 5 सालों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी देगी. और नए अध्यक्ष स्थापित करने के लिए विशेष सहायता दी जा रही है.
8. युवाओं को इंटर्नशिप पर 6,000 रुपए प्रतिमाह
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना शुरू की है ताकि बिहार के युवाओं को अब डिग्री हाथ में लेकर भटकना नहीं पड़े उनके सपनों को हकीकत में बादला जाएगा. कौशल विकास इंटर्नशिप और वित्तीय मदद की यह योजना न केवल रोजगार के दरवाजे खोलेगी बल्कि आत्मविश्वास भी जगाएगी.685 करोड़ रुपए की इस योजना के तहत 18-28 वर्ष के युवा विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव और वित्तीय सहायता प्राप्त करेंगे. इससे उनकी नौकरी पाने की संभावनाएं बढ़ेंगी. इस योजना के तहत ग्रेजुएट को ₹6000 मासिक स्टाइपेंड और राज्य से बाहर ₹5000 अतिरिक्त सहायता दी जाएगी.
9. गुरु-शिष्य परंपरा योजना को मंजूरी
बिहार की मिट्टी में रची-बसी अनगिनत लोककलाएं, सुंदर संगीत, विलुप्त चित्रकला और शास्त्रीय परंपराएं अब नए सिरे से जीवंत होने जा रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कला संस्कृति एवं जड़ों को संरक्षित करने और युवा प्रतिभाओं को इस विरासत से जोड़ने के लिए एक अनूठी पहल मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना की शुरुआत की है.
योजना के अंतर्गत चयनित 20 गुरु प्रत्येक को ₹15000 रुपये प्रतिमाह, संगीतकार को ₹7500 रुपये और 160 शिष्यों को ₹3000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी.खास बात है कि प्रशिक्षण की समाप्ति पर भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन होगा, जिसमें प्रशिक्षु अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे और उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा.
10. नई बस खरीदने पर सरकार देगी 20 लाख की सहायता
बिहार सरकार ने अंतरराज्यीय परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. नई AC बस खरीदने पर निजी बस ऑपरेटरों को प्रति बस 20 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. नीतीश कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी देते हुए 150 बसों के लिए 30 करोड़ और प्रशासनिक खर्च के लिए 60 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं.
11. महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी में 35% आरक्षण
बिहार सरकार ने महिलाओं के लिए 35% आरक्षण देने का निर्णय लिया है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया है कि 151571 नौकरियां प्रक्रियाधीन है. यह आरक्षण स्थाई और संविदा दोनों प्रकार की नौकरियों में मिलेगी जिसका उद्देश्य राज्य में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है. नीतीश कुमार ने 50 लाख लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का वादा किया था. इसे विधानसभा चुनाव तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
12. आंगनबाड़ी सेविका को मोबाइल फोन खरीदने के लिए 11,000 रुपए
बिहार सरकार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को बड़ी सौगात दी है. सरकार ने स्मार्टफोन खरीदने के लिए 11,000 रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. यह सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी. यह राशि वित्त विभाग द्वारा समाज कल्याण विभाग को आवंटित की गई है. पहले योजना के तहत सेविकाओं को नया मोबाइल फोन देने की बात हो रही थी, लेकिन अब सरकार सीधे रकम उपलब्ध कराएगी ताकि वो अपनी आवश्यकता के अनुसार फोन खरीद सकें. उसका उद्देश्य सेविकाओं को डिजिटल काम के लिए सशक्त बनाना है .सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राशि प्राप्त करने के 7 दिनों के भीतर सेविकाओं को स्मार्टफोन खरीदकर उसकी रिपोर्ट जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को सौंपनी होगी.
13. रसोइयों का मानदेय दोगुना, अब 3,300 रुपए प्रतिमाह
बिहार में मध्याह्न भोजन योजना (पीएम पोषण) के अंतर्गत कार्यरत 243227 रसोइयों का मानदेय बढ़ाया गया है.अब उन्हें प्रति माह 3300 रुपये मिलेंगे जो पहले 1650 रुपये था.यह वृद्धि 1 अगस्त से लागू होगी और राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी.
14. नाइट गार्ड का मानदेय 5,000 से बढ़कर 10,000 रुपए
बिहार सरकार ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत नाइट गार्ड के मानदेय को ₹5000 से बढ़ाकर ₹10000 प्रति माह कर दिया है. विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा विद्यालय में अस्थायी रूप से रखे गए नाइट गार्ड का मानदेय 2018 में 1500 रुपए बढ़ाकर ₹5000 किया गया था.अब इन्हें प्रतिमाह ₹10000 मिलेंग. विद्यालयों में प्रयोगशाला उपकरण, पुस्तक, क्रीड़ा सामग्री, कंप्यूटर और टीवी की सुरक्षा करना रात्रि प्रहरी की जिम्मेदारी है.
15. शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक का मानदेय 8,000 से बढ़कर 16,000 रुपए
बिहार सरकार ने मध्य विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर ₹ 16000 कर दिया है, साथ ही रात्रि प्रहरियों का मानदेय भी 10000 रुपये किया गया है. मंत्रिमंडल ने ‘बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त नियमावली 2025 को मंजूरी दी है.
नीतीश सरकार के यह 15 बड़े फैसले केवल योजनाओं की लिस्ट नहीं है बल्कि आने वाले चुनावी दौड़ में जनता के भरोसे को साधने की कोशिश भी है. महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी में 35% आरक्षण युवाओं को इंटर्नशिप और रोजगार का वादा साथ ही गरीब और जरूरतमंद तबके के लिए सस्ती थाली फ्री बिजली और दिव्यांगों के लिए प्रोत्साहन योजना जैसे फैसले लिए हैं सरकार ने इन एलानो में समाज के नीचेले तबके को भी ध्यान में रखा है. हालांकि विपक्षी से चुनावी वादा करार दे सकता है लेकिन अगर सरकारी योजनाओं को सही ढंग से लागू करती है तो इसका सीधा राजनीतिक फायदा जदयू भाजपा गठबंधन को मिल सकता है.