40 साल बाद जिस जगह पे बीजेपी ने कमल खिलाया, क्या कायम रख पाएगी यहां जीत..

Bihar assembly election 2025: बिहार झारखंड की सीमा पर बसा जमुई एक जिला मुख्यालय है. जिसकी पहचान प्राकृतिक सुंदरता ऐतिहासिक धरोहर और भूगर्भीय की विशेषताओं से जुड़ी है, और जमुई सीट बिहार विधानसभा की अहम सीटों में से एक है. इस सीट पर 2020 में हुए चुनाव में बीजेपी की प्रत्याशी श्रेयसी सिंह ने बड़ा उलट फिर किया था.

जमुई का चुनावी इतिहास

साल 1977 का बिहार विधानसभा चुनाव जमुई के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ. इस चुनाव में पहली बार प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री दोनों ने एक ही क्षेत्र में अलग-अलग प्रत्याशियों के समर्थन में चुनाव प्रचार किया था. कांग्रेस प्रत्याशी पंचानन सिंह के समर्थन में पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता इंदिरा गांधी हेलीकॉप्टर से जमुई आई थी. इस चुनाव को और भी खास बनाने के लिए जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर, कर्पूरी ठाकुर, रामकृष्ण हेगड़े और आचार्य कृपलानी ने भी त्रिपुरारी सिंह के समर्थन में सभाएं की.

पिछले 2 चुनाव के नतीजे

2015
विजेता उम्मीदवार–विजय प्रकाश यादव (RJD) को 66,577 मत मिले, वही दूसरी ओर अजॉय प्रताप (BJP) को 58,328 मत मिले, जीत का मार्जिन 8,249 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 42.24% और रनर-अप का 37.01% रहा

2020
विजेता उम्मीदवार–श्रेयसी सिंह (BJP) को 79,603 मत मिले, वही दूसरी ओर विजय प्रकाश यादव (RJD) को 38,554 मत मिले, जीत का मार्जिन 41,049 वोट रहा, लगभग वोट प्रतिशत विजेता का 43.89% और रनर-अप का 21.26% रहा

2020 के चुनाव में तो आखिरकार भाजपा के हाथ जमुई की बाजी आ ही गई, पर अब देखना होगा कि इस बार भी यह बाजी भाजपा के हाथ होती है, या फिर वापस किसी और के पास चली जाती है.

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