Unpaid teachers: बिहार के लगभग 20,000 वित्त रहित शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर राज्य सरकार ने वित्त अनुदानित एवं वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षक कर्मियों की समस्याओं के समाधान हेतु एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है.
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर इस बड़े फैसले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह समिति माध्यमिक विद्यालयों, इंटर कॉलेजों, संस्कृत विद्यालयों और मदरसों के शिक्षकों के वेतनमान, सहायक अनुदान और अन्य मुद्दों पर व्यापक समीक्षा करेगी.
संरचना
मुख्य सचिव को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि विकास आयुक्त, शिक्षा विभाग के सचिव (सदस्य सचिव), वित्त विभाग के सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष, माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षा निदेशक तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव को सदस्य बनाया गया है.
कार्य
यह उच्चस्तरीय समिति नियमित रूप से बैठकें आयोजित करेगी और निम्न विषयों पर कार्य करेगी
– सहायक अनुदान का समय पर निर्गमन
– वेतन और मानदेय का सम्यक निर्धारण
– वेतन भुगतान में देरी और विसंगतियों का निराकरण
– स्थापना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा
लंबे समय से वित्त रहित शिक्षक अनुदान की जगह नियमित वेतनमान की मांग कर रहे थे. इस समिति के गठन से अब उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सकेगा.