Navratri 2025 Day 8: शारदीय नवरात्रि, भक्ति और उत्सव का नौ दिन का पर्व, सोमवार को अपने आठवें दिन में पहुंचगया है। इस दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है, जो पवित्रता, शांति और करुणा की प्रतीक हैं।आठवें दिन भक्त मां महागौरी की पूजा करते हैं। “महागौरी” का अर्थ है अत्यंत गोरी, जो पवित्रता, शांति और सौम्यता का प्रतीक है। उन्हें सफेद वस्त्र पहनकर और बैल (नंदी) पर सवार दिखाया जाता है।
पढ़िए मां महागौरी की कहानी
मां महागौरी, देवी दुर्गा का आठवां स्वरूप हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती (आदि शक्ति का अवतार) भगवान शिव से विवाह करना चाहती थीं। लेकिन शिव गहन ध्यान में लगे हुए थे और सांसारिक मामलों से दूर थे।
पार्वती ने शिव का हृदय जीतने के लिए कठिन तपस्या की। वर्षों तक उन्होंने हिमालय में कठोर साधना की, केवल पत्तियों पर जीवित रहीं और बाद में केवल वायु से जीवन यापन किया। इतनी कठोर तपस्या से उनकी त्वचा काली और कठोर हो गई।
उनकी अटूट भक्ति से प्रभावित होकर भगवान शिव उनके सामने प्रकट हुए और उन्हें अपना जीवनसाथी स्वीकार किया। उन्हें महागौरी का नाम दिया गया, जिसका अर्थ है “अत्यंत गोरी।” पवित्र गंगा में स्नान करने के बाद उनकी त्वचा फिर से उज्जवल और श्वेत हो गई। मोरनी हरा रंग करुणा, अनोखापन, नवीनीकरण और आंतरिक शुद्धि का प्रतीक है। यह भक्तों को भावनात्मक, बौद्धिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाने में मदद करता है।
मां महागौरी का मंत्र: “ॐ देवी महागौर्यै नमः”
पूजा का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त: 4:39 AM से 5:27 AM
अभिजीत मुहूर्त: 11:56 AM से 12:46 PM