Economy: भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर कल एक और नई उम्मीद की किरण जागी है। विश्व मंच पर भारत की ताकत को अब उन देशों से भी सार्वजनिक मान्यता मिलने लगी है, जिन्हें कभी ब्रिटिश औपनिवेशिक अतीत का गौरव हासिल था।
गुरुवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मुंबई में एक अहम बयान देते हुए कहा कि भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है, और इस ऐतिहासिक सफर में ब्रिटेन खुद को एक मजबूत साझेदार के रूप में देखता है।
भारत की तेज़ रफ्तार पर दुनिया की नजर
अभी भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद। लेकिन अब वह दिन दूर नहीं जब भारत जर्मनी को पछाड़कर तीसरे पायदान पर पहुंच जाएगा। आंकड़े इसका स्पष्ट संकेत दे रहे हैं:
भारत की वर्तमान GDP: $4.19 ट्रिलियन
जर्मनी की वर्तमान GDP: $4.74 ट्रिलियन
भारत की अनुमानित विकास दर (2025): 6.2%
जर्मनी की अनुमानित गिरावट: -0.1%
यह अंतर अब तेजी से घट रहा है और आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक अगले कुछ वर्षों में भारत जर्मनी को पीछे छोड़ देगा। कीर स्टार्मर ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब भारत-ब्रिटेन संबंध एक नए मोड़ पर हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक व्यापक व्यापार समझौते की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, जीवन विज्ञान और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।
भारत की ग्रोथ सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं
भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था अब केवल GDP तक सीमित नहीं रही। टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स, डिजिटल भुगतान, बुनियादी ढांचे और युवा जनसंख्या के दम पर भारत अब ग्लोबल इनोवेशन और पॉलिसी इंफ्लुएंस का केंद्र बनता जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि जिस गति से भारत हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है, आने वाले वर्षों में वह न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि नीतिगत नेतृत्व के मामले में भी दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल होगा। दुनियाभर में अब इस बार की चर्चा होने लगी हैं की भारत एक बड़ी पावर बनकर उभर रहा हैं।