Chhath 2025 : लोक आस्था का महापर्व छठ उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ आज संपन्न हो गया। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में व्रतियों ने रविवार की सुबह गंगा, सरयू और अन्य नदियों के घाटों पर उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इसके साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास भी समाप्त हुआ। पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, गया समेत पूरे बिहार के विभिन्न जिलों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ घाटों पर उमड़ी रही। सुबह तड़के ही महिलाएं सूप, ठेकुआ, फल और पूजा सामग्री के साथ घाटों पर पहुंचीं और परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की लंबी उम्र और मंगल की कामना की।
शनिवार की शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद रविवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रतियों ने उपवास पूरा किया। इसके साथ ही चार दिवसीय यह पर्व नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और प्रभात अर्घ्य संपन्न हो गया।भक्ति, अनुशासन और लोक परंपरा का प्रतीक छठ महापर्व एक बार फिर बिहार और पूर्वी भारत के आस्था के रंग में रंग गया।