Bihar mgb manifesto : बिहार विधानसभा चुनाव के बीच महागठबंधन ने मंगलवार को अपना घोषणा पत्र जारी किया, जिसे नाम दिया गया है ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’. इस संकल्प पत्र में रोजगार, बिजली, सड़क और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है. घोषणा पत्र में सबसे बड़ा वादा है, हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का. महागठबंधन ने दावा किया है कि सरकार बनने के बाद 20 महीने के भीतर यह वादा पूरा किया जाएगा और इसके लिए 20 दिन में अधिनियम बनाया जाएगा. इसके अलावा राज्य में 5 एक्सप्रेस-वे बनाने, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने, संविदा कर्मियों को स्थायी करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, और महिलाओं व किसानों के लिए विशेष योजनाएं शुरू करने की घोषणा की गई है.
घोषणा पत्र जारी करने के दौरान तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा मौजूद थे. हालांकि, मंच पर बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में चर्चा जरूर छेड़ दी. घोषणा पत्र जारी करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें केवल सरकार ही नहीं बनानी, बल्कि बिहार को बनाने का काम करना है. यह संकल्प पत्र बिहार के हर वर्ग की आकांक्षाओं का दस्तावेज है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार का तेजस्वी प्रण से महागठबंधन ने रोजगार और विकास को केंद्र में रखकर सीधी चुनौती एनडीए के घोषणापत्र को दी है. अब देखना यह होगा कि जनता इन वादों को कितनी गंभीरता से लेती है.